अमरावती के खेल, पर्यटन और स्कूल विकास के लिए निधि आवंटित की जाएं

विधायक सुलभा खोडके की सदन में मांग

* शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) का स्थान बदलें
* जिले का पिछड़ापन दूर करने के लिए विदर्भ वैधानिक विकास मंडल शुरू करें
मुंबई /दि.12 – अमरावती शहर का विस्तार तेजी से हो रहा है और जनसंख्या भी बढ़ रही है. बढ़ते शहरीकरण के कारण नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना आवश्यक है. शहर के विकास नियोजन और निधि की उपलब्धता को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं. इसी क्रम में, अमरावती की विधायक श्रीमती सुलभाताई संजय खोडके ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के बजट से भारी अनुदान देने की मांग की है.
* अमरावती तहसील कार्यालय का विभाजन
बजट चर्चा के दौरान विधायक खोडके ने क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के रोडमैप का स्वागत किया. उन्होंने बताया कि अमरावती तहसील कार्यालय पर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों का अत्यधिक भार है, जिससे प्रमाण पत्र और दस्तावेज मिलने में देरी होती है. उन्होंने बडनेरा और शहरी क्षेत्र के लिए एक स्वतंत्र शहरी तहसील कार्यालय निर्माण करने की मांग की.
* वडाली गार्डन और तालाब में इको-टूरिज्म
अमरावती की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वडाली क्षेत्र में तालाब और बांबू गार्डन हैं. शहर में कोई प्रमुख पर्यटन स्थल न होने के कारण, वडाली तालाब और बांस उद्यान को मिलाकर इको-टूरिज्म के आधार पर विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि शहर का पर्यटन महत्व बढ़ सके.
* तेंदुए के आतंक से नागरिकों की सुरक्षा
शहर के वडाली वन क्षेत्र से सटे इलाकों (यूनिवर्सिटी, तपोवन, मंगलधाम, पुराना बाईपास) में तेंदुए के संचार से दहशत है. विधायक खोडके ने मांग की कि इंसानी जान बचाने के लिए वन क्षेत्र की सीमा पर लोहे के तारों की बाड़ लगाई जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं.
* खेल परिसरों के बजट में वृद्धि
विभागीय खेल परिसर: इसके 50 करोड़ रुपये के बजट को बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की मांग की गई ताकि पांचों जिलों के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. जिला खेल परिसर का बजट 25 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया. रखरखाव का खेल परिसरों के रखरखाव के लिए जिला नियोजन से क्रमशः 2% और 1% निधि आरक्षित करने और स्कूलों में खेल शिक्षकों की नियुक्ति की नीति बनाने पर जोर दिया.
* मनपा स्कूलों के लिए स्वतंत्र निधि
अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र के 63 स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ रही है. कई स्कूल 60-70 साल पुराने और जर्जर हैं. विधायक ने मांग की कि निजी स्कूलों की तर्ज पर मनपा स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, लैब और वाई-फाई जैसी सुविधाएं देने के लिए जिला नियोजन समिति के वार्षिक बजट में एक नया ’लेखाशीर्ष’ बनाकर विशेष निधि दी जाए.

* मेडिकल कॉलेज की जगह पर पुनर्विचार
विधायक खोडके ने पुरजोर तरीके से कहा कि अमरावती शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) के लिए चुनी गई वर्तमान जगह शहर से 13-15 किमी दूर है. इससे गरीब मरीजों और मेलघाट-धारणी जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परेशानी होगी. उन्होंने मांग की कि नागपुर हाईवे के पास प्रस्तावित जगह को मंजूरी दी जाएं, ताकि मरीजों को ओपीडी और छात्रों को बेहतर अनुभव मिल सके.

* विदर्भ वैधानिक विकास मंडल की स्थापना
पश्चिम विदर्भ में बढ़ते सिंचाई घाटे, किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से वैधानिक विकास मंडलों को केंद्र से मंजूरी नहीं मिली है. उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि केंद्र के पास लंबित इस प्रस्ताव को जल्द मंजूर कराया जाए ताकि अमरावती विभाग का पिछड़ापन दूर हो सके.

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