मेलघाट में जलजीवन मिशन योजना के लिए दी जाए निधि

बजट सत्र में विधायक केवलराम काले ने उठाई मांग

* मग्रारोगायो की बकाया मजदूरी पर भी खींच सदन का ध्यान
* महाराष्ट्र विधान मंडल बजट सत्र-2026
अमरावती /दि.25 – आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र में जलजीवन मिशन के कामों हेतु पर्याप्त निधि नहीं मिलने के चलते इस योजना के 65 फीसद काम अब भी आधे-अधूरे पडे हुए है. जिसके चलते मेलघाट क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में रहनेवाले आदिवासियों को पानी के लिए दर-दर भटकना पडता है. ऐसे में जलजीवन मिशन के लिए जल्द से जल्द पर्याप्त निधि उपलब्ध कराई जाए, ताकि इस योजना के आधे-अधूरे कामों को पूरा किया जा सके, इस आशय का मुद्दा मेलघाट निर्वाचन क्षेत्र के विधायक केवलराम काले द्वारा राज्य विधान मंडल के बजट सत्र में उठाया गया है.
मेलघाट निर्वाचन क्षेत्र की धारणी व चिखलदरा तहसीलों में जलजीवन मिशन योजना के आधे-अधूरे कामों की ओर सदन का ध्यान दिलाते हुए विधायक केवलराम काले ने कहा कि, आदिवासी बहुल क्षेत्र में जलापूर्ति की समूचित व्यवस्था नहीं रहने के चलते क्षेत्र के आदिवासियों को जहां एक ओर गर्मी के मौसम में पानी के लिए दर-दर भटकना पडता है, वहीं दूसरी ओर बारिश के मौसम दौरान पारंपरिक जलस्त्रोतों को दूषित हो जाने के चलते क्षेत्र में जलजन्य बीमारियों का संक्रमण भी फैलता है. इस बात के मद्देनजर यह बेहद जरुरी है कि, मेलघाट क्षेत्र में साफ-सुथरे पानी की आपूर्ति करने हेतु जलजीवन मिशन के कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए.
इसके साथ ही विधायक केवलराम काले ने मेलघाट क्षेत्र में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत किए गए विकास कामों की 35 करोड 87 लाख रुपए की मजदूरी बकाया रहने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि, विगत करीब 4-5 माह से मेलघाट क्षेत्र के आदिवासी मजदूरों को उनके द्वारा किए गए कामों की मजदूरी अदा नहीं की गई है. जिससे आदिवासियों पर भुखमरी व आर्थिक बदहाली की नौबत आन पडी है. सरकार द्वारा यद्यपि बकाया मजदूरी की राशि को मंजूरी दिए जाने की बात कहीं जा रही है, परंतु हकीकत में अब तक प्रशासन द्वारा मजदूरों को उनकी बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है. ऐसे में आदिवासी मजदूरों को उनके द्वारा मग्रारोगायो के अंतर्गत किए गए कामों की बकाया मजदूरी का त्वरीत भुगतान किए जाने की व्यवस्था की जाए.
इसके अलावा विधायक केवलराम काले ने विकास और सुविधाओं के मामले में बेहद पिछडे रहनेवाले आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र में सडक, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं को भी चुस्त-दुरुस्त करने हेतु सरकार द्वारा ध्यान दिए जाने और बजट में निधि उपलब्ध कराए जाने की मांग भी उठाई.

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