घंटों बिजली गुल रहने से गारमेंट उद्योजकों का गुस्सा फूटा
बिजली कार्यालय में किया धरना प्रदर्शन

* संबंधित अधिकारी ने समस्या हल करने का दिया आश्वासन
अमरावती/दि.12 – बिजली विभाग द्वारा आम नागरिकों से बिजली की बकाया रहने के चलते बिना किसी सूचना पर दूसरे ही दिन बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है. परंतु जब बात सेवाओं की हो तो सबसे बदतर लापरवाही और सेवा बिजली विभाग की ही है. बिना किसी कारणवश और बिना वजह घंटों तक किसी भी समय पूर्वसूचना दिए बगैर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है. बीते 8 दिनों से रहाटगांव स्थित अंबा बिजनेस गारमेंट उद्योजकों के सभी व्यापारियों को यही परेशानी झेलनी पड रही है. बीते कुछ दिनों से लगातार बिजली विभाग द्वारा किसी न किसी कारणवश बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है. घंटों तक बिजली आपूर्ति बंद रहने से रहाटगांव के यह गारमेंट उद्योजक ने अंततः त्रस्त होकर बुधवार को वेलकम प्वाइंट स्थित बिजली आपूर्ति कार्यालय पर अचानक हल्लाबोल कर दिया. जहां व्यापारियों ने घंटों तक कार्यालय में धरना प्रदर्शन करते हुए रोजाना नियमित और सुचारु बिजली आपूर्ति करने की मांग की गई. पहले तो जैसे ही व्यापारी वहां पहुंचे तो घंटों तक कोई भी अधिकारी- कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं था. घंटों बाद एक अधिकारी वहां पहुंचा और व्यापारियों को आश्वासन दिया कि, उन्हें वाली परेशानी अब नहीं होगी.
गौरतलब कि अमरावती गारमेंट उद्योग अपनी अलग से साख रखता है. पूरे देश में 3 शहरों में अमरावती का यह गारमेंट उद्योग ने अलग से अपनी पहचान बना रखी है. इस गारमेंट ही बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ शहर के विकास में और चलन में बडा साथ प्रशासन को मिलता है. व्यापारियों का यह गारमेंट उद्योग के कारण पूरे देश में अमरावती का यह कपडा व्यापार प्रसिध्द है. परंतु बिजली विभाग के इस घटिया लापरवाही के कारण हमेशा ही यह व्यापारी बिजली को लेकर त्रस्त चल रहे है. बताया जाता है कि आगामी ईद के जैसे पावन पर्व के सीजन को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों द्वारा खासकर अमरावती के यह ग्रामीण उद्योजकों द्वारा ग्राहकों से ली गई बुकिंग तय समय के भीतर बिजली का सप्लाय न होने से ग्राहकों को नहीं मिल पा रही है. जिस कारण व्यापारियों का बडे पैमाने पर आर्थिक लाभ के अलावा मानसिक प्रताडना भी हो रही है, ही है, ऐसे में मानसिक प्रताडना पिछले कई दिनों से लगातार व्यापारियों द्वारा बिजली विभाग केा शिकायतें देने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से की जा रही अनदेखी से परेशान होकर अंतत: बुधवार को सैकडों व्यापारियों ने बिजली विभाग कार्यालय में जाकर घंटों तक धरना आंदोलन किया. इस दौरान बंटी जगमलानी, सुनील पमनानी, तरुण बुधलानी, बंटी भोजवानी, देवेश हरवानी, महेंद्र धामेजा, दिनेश दशरेजा, मयूर पोपटानी, आशीष झुमनानी, संदीप देवानी, जगदीश लालवानी, संजय देशमुख सुरेश बसतवानी, राजा बत्रा, अमित भगवंत आदि व्यापारी उपस्थित थे.
* अलग से बनाए फीडर
बताया जाता है कि जब व्यापारी बिजली कार्यालय पर पहुंचे तो वहां व्यापारियों ने बिजली विभाग द्वारा जो ग्राहक संपर्क नंबर दिया गया है उस पर काफी समय तक संपर्क करने के बावजूद वह नंबर ही व्यस्त बता रहा था. जब व्यापारियों ने अधिकारियों के सामने ही उस नंबर पर संपर्क किया तो फिर से वह नंबर व्यस्त बताया गया. आखिरकार अधिकारियों ने इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि वह नंबर फॉरवर्ड किया गया है, यानि इसका साथ मतलब है कि ग्राहकों को शिकायत करने के लिए दिया गया नंबर भी पूरी तरह गलत था. और दूसरी और व्यापारी रहो या आम बिजली धारक एक दिन भी बिजली का बकाया रहने से दूसरे दिन ही बिजली विभाग के कर्मचारी धारक के घर पहुंचकर बकाया बिल भरने के लिए दबावतंत्र व मानसिक प्रताड़ना करते हुए बिजली आपूर्ति बंद करने की धमकी ग्राहकों को हमेशा ही दिए जाने की घटनाएं सामने आना आम बात हो चुकी है. परंतु जिस तरह की सेवा बिजली विभाग द्वारा दिया जाना चाहिए वह न मिल पाने से आखिरकार व्यापारियों सहित ग्राहकों में बिजली विभाग को लेकर तीव्र नाराजगी देखी जा रही है. वहीं इस दौरान व्यापारियों ने अंबा बिजनेस गारमेंट उद्योग के लिए अलग से फीडर बनाए जाने की पुरजोर मांग बिजली विभाग से की है. ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी व्यापारियों को झेलनी ना पडे.
* केबल काटने बताया जाता है कारण
बिजली विभाग ने पिछले 2 दिनों से बिना किसी सूचना के अमरावती शहर के कुछ इलाकों में केबल बिछाने के नाम पर बुधवार को घंटों तक बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी. जिसके कारण आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. उसमें भी गुरुवार व शुक्रवार को जलापूर्ति न होने की बात सामने आने पर ऐन वक्त बुधवार को दिनभर बिना किसी सूचना के बिजली विभाग की ओर से आपूर्ति बंद किए जाने के चलते मुदलियार नगर, बेलपुरा ऐसे नागरिकों में तीव्र रोष व गुस्सा पनपता हुआ दिखायी दिया. शहर के रुख्मिणी नगर, गांधी नगर, हमालपुरा, फ्रेजरापुरा, रेलवे स्टेशन चौक, प्रशांत नगर, विभिन्न इलाकों में बुधवार दोपहर से ही बार-बार लाइन बंद-चालु की जा रही थी. वहीं सुबह के दौरान बिना किसी सूचना के घंटों तक लाइन बंद कर दी गई थी ऐसे में आने वाले दिनों में नागरिकों का गुस्सा बिजली विभाग के कार्यालय में दिखाई देने की आशंका व्यक्त की जा रही है.





