आमसभा ने किराया व लीज वृद्धि के निर्णय को दी स्थगिती

मनपा के व्यापारी संकुलों के किराया व लीज वृद्धि का मामला फिर आगे टला

* नए सिरे से होगा सर्वेक्षण, समिति गठित
* प्रशासक राज के दौरान हुई वृद्धि को आमसभा ने बताया कम
* मनपा की आय बढाने नए सिरे से दरे तय करने का उठा मुद्दा
* आमसभा में विपक्ष शुरु से रहा सत्तापक्ष पर हमलावर
* सत्तापक्ष ने अपनायी रक्षात्मक भूमिका, मध्य मार्ग निकाला
अमरावती /दि.17- अमरावती महानगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत मनपा के पांच प्रमुख व्यापारिक संकुलों की दुकानों के किराए और लीज करार में नियमानुसार बढोतरी किए जाने के मुद्दे को लेकर आज बुलाई गई मनपा की आमसभा में जबरदस्त चर्चा हुई. इस समय प्रशासक राज के दौरान मनपा प्रशासन की ओर से गठित विशेषज्ञों की समिति द्वारा किराया व लीज वृद्धि के संदर्भ में की गई सिफारिशों को आमसभा में सभी पार्षदों के समक्ष रखा गया. जिसके बाद विपक्ष द्वारा मनपा की मौजूदा आर्थिक स्थिति तथा वर्तमान बाजार मूल्य को ध्यान में रखते हुए समिति की ओर से प्रस्तावित की गई किराया वृद्धि को अत्यल्प बताने के साथ ही इस पर नए सिरे से विचार किए जाने का मुद्दा उठाया गया. विपक्ष की ओर से उठाई गई जबरदस्त आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए पीठसीन सभापति व महापौर श्रीचंद तेजवानी ने पिछली समिति की सिफारिशों पर स्थगिती देने के साथ ही आगामी तीन माह के भीतर एक नई समिति गठित कर मनपा के व्यापारिक संकुलों का नए सिरे से सर्वेक्षण किए जाने की बात कही. जिसके चलते मनपा के व्यापारिक संकुलों के किराए और लीज करार की वृद्धि का मामला फिलहाल आगे टल गया. इस विषय को लेकर हुई चर्चा के दौरान आमसभा में विपक्ष शुरुआत से सत्तापक्ष और प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त ढंग से हमलावर दिखाई दिया. वहीं सत्तापक्ष ने रक्षात्मक भूमिका अपनाते हुए समिति की सिफारिशों को स्थगिती देने एवं आगामी कुछ दिनो मनपा के व्यापारिक संकुलों का नए सिरे से सर्वेक्षण करते हुए निर्णय लेने का मध्य मार्ग निकाला.
उल्लेखनीय है कि, मनपा क्षेत्र में स्थित मनपा के पांच प्रमुख व्यापारिक संकुलों में स्थित अधिकांश दुकानों की लीज अवधि काफी पहले ही खत्म हो चुकी है. जिसका अब तक नूतनीकरण भी नहीं किया गया. साथ ही मनपा के व्यापारिक संकुलों में स्थित दुकानों का किराया भी मौजूदा बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम है. ऐसे में विगत लंबे समय से मनपा के व्यापारिक संकुलों की दुकानों का नए सिरे से लीज करार करते हुए मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से किराए की दरें तय करने की मांग जोर पकड रही थी. ताकि खस्ताहाल हो चुकी अमरावती महानगर पालिका की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सके और इन सभी व्यापारिक संकुलों की दुकानों के किराए के जरिए अमरावती महानगर पालिका को अच्छी-खासी आय हो सके. इसी बात को ध्यान में रखते हुए अमरावती महानगर पालिका की आज बुलाई गई आमसभा में मनपा के व्यापारिक संकुलों की दुकानों में लीज करार व किराया वृद्धि से संबंधित विषय को कार्यसूची में शामिल किया गया था.
आज हुई आमसभा की कार्यसूची में प्रशासकीय विषय क्र. 10 के तौर पर शामिल इस विषय पर चर्चा शुरु होते ही विपक्षी पार्षद मानों सत्ता पक्ष पर टूट पडे. इस समय विपक्षी खेमें की ओर से नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले तथा कांग्रेस के स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल व मिलिंद चिमोटे सहित कांग्रेस पार्षद बबलू शेखावत, प्रा. डॉ. संजय शिरभाते, एमआईएम पार्षद शेख हमीद, नजीब खान व राशिद अली ने प्रशासक राज के दौरान मनपा के व्यापारिक संकुलों की दुकानों के किराए व लीज करार वृद्धि के संदर्भ में अध्ययन करने हेतु गठित की गई विशेषज्ञों की समिति की विशेषज्ञता पर ही सवाल उठा दिए और जानना चाहा कि, उस समिति में किस क्षेत्र के कौनसे विशेषज्ञ थे. इसकी जानकारी सदन के सामने रखी जानी चाहिए. साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि, उस समिति की सिफारिशों को किस आधार पर मान्य करने की तैयारी की गई. विपक्षी पार्षदों का कहना रहा कि, समिति द्वारा किराया दरों में वृद्धि को लेकर की गई सिफारिश मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से काफी कम है और समिति ने अपनी सिफारिशों में बाजार मूल्यों के साथ-साथ मनपा की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर बिल्कुल भी विचार नहीं किया है. जिसके चलते उक्त समिति की सिफारिशों को सीधे-सीधे मान्य नहीं किया जा सकता, बल्कि इस पर नए सिरे से विचार-विमर्श होना चाहिए.
खास बात यह भी रही कि, विपक्षी पार्षदों के साथ-साथ सत्ता पक्ष से जुडे कई पार्षदों ने भी प्रशासक राज के दौरान गठित समिति की सिफारिशों पर सवालिया निशान उठाए और मनपा की आय को बढाने हेतु नए सिरे से विचार-विमर्श किए जाने की बात कही. जिनमें स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर, भाजपा के स्वीकृत पार्षद एड. प्रशांत देशपांडे, राकांपा के स्वीकृत पार्षद भोजराज काले व पार्षद राधा कुरील, युवा स्वाभिमान पार्टी के गटनेता ज्ञानेश्वर उर्फ नाना आमले व प्रशांत वानखडे तथा राकांपा पार्षद मंगेश मनोहरे, चंदू खेडकर व मनीष बजाज का समावेश रहा. जिन्होंने मनपा के आर्थिक हितों को देखते हुए इस विषय पर नए सिरे से विचार-विमर्श करने की जरुरत बताई.
मनपा के व्यापारिक संकुलों के लीज करार व किराए के साथ-साथ आज की आमसभा में खाऊ गली को लेकर भी जबरदस्त हंगामा मचा. इस संदर्भ में विपक्षी पार्षदों के साथ-साथ सत्ता पक्ष से जुडे कई पार्षदों का भी यह कहना रहा कि, मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से मनपा के व्यापारिक संकुलों की दुकानों सहित खाऊ गली के स्टॉल की किराया दरें तय होनी चाहिए, ताकि मनपा के आय के स्त्रोत को बढाया जा सके और मनपा की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सके.
इस विषय को लेकर मचे जबरदस्त हंगामे के बीच सभागृह नेता चेतन गावंडे ने सत्ता पक्ष की ओर से सुझाव रखा कि, अमरावती मनपा क्षेत्र में रहनेवाले सांसद एवं विधायकों के साथ मनपा द्वारा गठित की जानेवाली समिति की बैठक बुलाते हुए मनपा के व्यापारिक संकुलों की लीज की नूतनीकरण तथा दुकानों के किराया दर वृद्धि के बारे में कोई निर्णय लिया जाए. जिसे स्वीकार करते हुए पीठासीन सभापति व महापौर श्रीचंद तेजवानी ने अपनी रुलिंग में इस विषय को कुछ दिनों के लिए स्थगिति दी. साथ ही कहा कि, इस दौरान विशेषज्ञ समिति द्वारा की गई सिफारिशों पर नए सिरे से विचार-विमर्श करते हुए कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा. साथ ही साथ मनपा के व्यापारिक संकुलों की दुकानों का भी नए सिरे से सर्वेक्षण कराया जाएगा, ताकि खत्म हो चुकी लीज का नूतनीकरण करने के साथ-साथ किराए की नई दरों का निर्धारण करने में आसानी हो.

* कई दुकानदारों ने परस्पर बेच डाली दुकाने
इस विषय पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए राकांपा पार्षद व स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर ने सदन का ध्यान इस बात की ओर भी दिलाया कि, मनपा के व्यापारिक संकुलों में दुकान किराए पर लेने के बाद कई दुकानदारों ने अपनी किराए की दुकानों को परस्पर किसी अन्य को बेच दिया है. ऐसी परस्पर बेची गई दुकानों की संख्या 79 के आसपास है. इस बारे में भी सघन जांच-पडताल की जानी चाहिए.

* तय समय में अगर निर्णय नहीं हुआ तो
मनपा के स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल ने इस पूरी चर्चा को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद आमसभा के सामने प्रश्न उपस्थित किया कि, यदि तय समय बीत जाने के बावजूद इस विषय को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाता है, तो उस स्थिति में क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी रुपरेखा भी आज और अभी से तय करनी होगी. पार्षद अनिल अग्रवाल ने सवाल उठाया कि आगामी दो-तीन माह तक यदि इस पर निर्णय नहीं हुआ तो किराया दरवृध्दि को लेकर कौनसी उपाययोजना होगी? इस पर पक्ष नेता चेतन गावंडे ने कहा कि यह मामला वर्ष 2017 से चल रहा हैं. तब पार्षद अनिल अग्रवाल ने कहा कि, इस दौरान मनपा के सभी व्यापारिक संकुलों की दुकानों का नए सिरे से सर्वेक्षण किया जाना चाहिए. जिसके तहत कितनी दुकानों की लीज अवधि खत्म हो चुकी है, इसकी जांच करते हुए बाजारमूल्य के हिसाब से मनपा के सभी व्यापारिक संकुलों की दुकानों का किराया तय किया जाना चाहिए.

* हम व्यापारियों के खिलाफ नहीं, लेकिन शहर का विकास भी जरुरी
इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए मनपा के नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले ने कहा कि, कांग्रेस सहित विपक्षी पार्षद स्थानीय व्यापारियों के विरोध में नहीं है. बल्कि हमारी चाहत है कि, अमरावती शहर के व्यापार व्यवसाय क्षेत्र की जमकर तरक्की हो. लेकिन साथ ही साथ शहर के विकास की ओर भी ध्यान दिए जाने की जरुरत है और विकास को साकार करने के लिए मनपा की आर्थिक स्थिति का भी मजबूत रहना बेहद आवश्यक है, इस बात को स्थानीय व्यापारियों ने भी समझना चाहिए. मनपा के नेता प्रतिपक्ष रहनेवाले पूर्व महापौर विलास इंगोले ने यह आरोप भी लगाया कि, अमरावती महानगर पालिका के कई अधिकारियों द्वारा मनपा का हित देखने की बजाए केवल और केवल स्थानीय व्यापारियों का ही हित देखा जाता है. जिससे मनपा को कई बार नुकसान भी होता है.

* पुराने दुकानदारों को ही मिले प्राथमिकता, लेकिन निगोसीएशन जरुरी
कांग्रेस पार्षद बबलू शेखावत ने इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि, मनपा की आय को बढाया जाना बेहद जरुरी है. इस बात को ध्यान में रखते हुए मनपा के व्यापारिक संकुलों में स्थित दुकानों के लीज करार का नूतनीकरण करते हुए नए सिरे से किराए की दरें तय की जानी चाहिए. इसके लिए जरुरत पडने पर पुराने दुकानदारों को ही प्राथमिकता देते हुए उनसे थोडाबहुत निगोसीएशन किया जा सकता है, या फिर सीधे-सीधे खुली नीलामी की प्रक्रिया का अवलंब करने पर विचार होना चाहिए. ताकि मौके की जगह पर स्थित मनपा के व्यापारिक संकुलों की दुकानों का असल बाजार मूल्य समझ में आए.

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* पालकमंत्री को भी प्रक्रिया में शामिल किए जाने की जरुरत
शहर के वरिष्ठ विधिज्ञ एवं भाजपा की ओर से मनपा के स्वीकृत पार्षद प्रशांत देशपांडे ने इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए बीओटी व नॉन बीओटी के तत्वों पर विचार करने के साथ ही समिति की सिफारिशों को स्थगिती दिए जाने की मांग उठाई. उन्होंने इस विषय के विविध पहलुओं पर सभागृह का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने इस पर फिर से नए सीरे से चर्चा कर निर्णय लेने तक इस प्रस्ताव को नामंजूर करने का सभापति से अनुरोध किया.                                                                                                                                     * ‘पूर्व पालकमंत्री’ के उल्लेख से सदन में मचा हंगामा
मनपा की आय को बढाने हेतु बकाया टैक्स वसूली को गतिमान ढंग से करने एवं बकाएदारों के खिलाफ सील लगाए जाने की कार्रवाई करने के संदर्भ में मनपा के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी पर राकांपा पार्षद मंगेश मनोहरे ने अपने वक्तव्य में कहा कि, मनपा प्रशासन ने बीते दिनों एक पूर्व जिला पालकमंत्री से संबंधित संपत्ति को भी बकाया टैक्स की वसूली के लिए सील कर दिया था. पार्षद मंगेश मनोहरे द्वारा अपने वक्तव्य में ‘पूर्व पालकमंत्री’ शब्द का प्रयोग किए जाते ही विपक्षी खेमें ने जबरदस्त हंगामा मचाया. विशेष तौर पर कांग्रेसी पार्षदों ने इस वक्तव्य पर आपत्ति उठाते हुए पार्षद मंगेश मनोहरे से अपने शब्द वापिस लेने या फिर अपने द्वारा कहीं गई बात को सदन में साबित करने हेतु कहा. इस समय नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले ने कहा कि, बीते दिनों पुराना बाईपास रोड स्थित एक होटल पर हुई कार्रवाई के साथ कुछ लोगों ने एक पूर्व पालकमंत्री का नाम जोडा था, जिनका कांग्रेसी पृष्ठभूमि से वास्ता रहा, परंतु हकीकत यह थी कि, उस पूर्व पालकमंत्री का उक्त होटल के साथ कोई लेना-देना नहीं था, यह बात भी तुरंत ही साबित हो गई थी. ऐसे में अब मनपा की आमसभा में एक बार फिर उस बात को तुल देना किसी भी लिहाज से योग्य नहीं है. अत: इस वक्तव्य को सदन की कार्रवाई में शामिल न किया जाए.

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