चांदूररेल्वे में सरकारी कार्यालयों पर लाखों रुपये का कर बकाया
आम जनता से सख़्ती, सरकारी दफ्तरों को राहत

चांदूर रेलवे/दि.5 – चांदूररेल्वे नगरपरिषद द्वारा 31 मार्च तक कर वसूली के लिए आम नागरिकों पर नोटिस, मुनादी और सख़्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई सरकारी कार्यालयों पर लाखों रुपये का कर बकाया होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. इस दोहरे मापदंड को लेकर नगर में नाराज़गी बढ़ती जा रही है.
शहर के विकास हेतु संपत्ति कर और जलकर का भुगतान आवश्यक है. आम नागरिक समय पर कर भरकर ब्याज व दंड से बचने का प्रयास करते हैं, फिर भी नगरपरिषद द्वारा गरीब और मध्यम वर्ग पर कठोर कदम उठाए जाते हैं. इसके विपरीत, सरकारी कार्यालयों पर वर्षों से बकाया कर होने के बावजूद न तो नोटिस जारी की जाती है और न ही वसूली की जाती है, यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है.
* सरकारी कार्यालयों पर कर बकाया (रुपयों में)
– पंचायत समिति : 2,30,884
– उपविभागीय अभियंता, सार्वजनिक बांधकाम विभाग : 1,61,449
– पिछड़ा वर्ग बालिका शासकीय छात्रावास : 1,49,654
– पिछड़ा वर्ग बालक शासकीय छात्रावास : 1,71,033
– महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल (एस.टी.) : 3,59,119
– कार्यकारी अभियंता, सार्वजनिक बांधकाम विभाग, अमरावती : 4,15,840
– भारतीय दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) : 1,59,380
– पुलिस स्टेशन कार्यालय : 2,95,145
इन आंकड़ों के अनुसार सरकारी कार्यालयों पर लाखों रुपये का कर बकाया है, लेकिन नगरपरिषद प्रशासन की ओर से वसूली शून्य बताई जा रही है. वहीं दूसरी ओर, गरीब नागरिकों के मामूली नल कर बकाया होने पर भी कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है.
* अभय योजना लागू करने की मांग
व्यापारी साजिद जानवाणी ने मांग की है कि नगरपरिषद द्वारा तत्काल अभय योजना लागू की जाए, ताकि आम नागरिकों को मूल कर राशि पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज से राहत मिल सके.
* सरकारी कार्यालयों से बकाया वसूली की मांग
नगरसेवक सुमेद सरदार ने कहा कि नगरपरिषद आम नागरिकों से कर वसूलने में सख़्ती दिखाती है, लेकिन सरकारी विभागों से बकाया वसूलने में लापरवाही बरती जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2 हजार से 5 हजार रुपये बकाया वाले नागरिकों पर कार्रवाई होती है, तो सरकारी कार्यालयों को छूट क्यों दी जा रही है. उन्होंने सरकारी विभागों से बकाया कर की तत्काल वसूली की मांग की.





