शहीद दिवस पर निबंध प्रतियोगिता का भव्य समापन
विद्यार्थियों में क्रांतिकारी विचारों की जागृति

अमरावती/ दि.26 – 23 मार्च का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी इतिहास का एक उज्जवल अध्याय माना जाता है. इसी दिन शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव ने अपने प्राणों की आहुति देकर शोषणमुक्त समाज व्यवस्था का मार्ग दिखाया था. इन्ही महान क्रांतिकारियों की स्मृति में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का भव्य समापन समापन समारोह महावीर नगर स्थित कालिका क्रीडा मेैदान में सायंकाल 7 बजे उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ.
महान क्रांतिकारी शहीद भगतसिंह का जीवन और कार्य विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में शहर की विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विद्यार्थियों ने अपने निबंधों के माध्यम से देशभक्ति सामाजिक जागरूकता, अन्याय के खिलाफ संघर्ष और समानतामूलक समाज व्यवस्था की आकांक्षा को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया. कई विद्यार्थियों ने शहीदों के विचारों का गहराई से विश्लेषण करते हुए उन्हें वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से भी जोडा.
समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के मान्यवर, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी बडी संख्या में उपस्थित थे. इंकलाब जिंदाबाद, शहीद- ए- आजम भगतसिंह, राजगुरू, सुखदवे अमर रहे, शहीदों के विचार गांव शहर में फैला दो. शहीदों के जीवन से विद्यार्थी प्रेरणा ले, देश मेंं हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करों, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा. बीच – बीच में प्रस्तुत किए गए क्रांतिकारों गीतों ने कार्यक्रम को और प्रेरणादायी बना दिया. कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी मान्यवरों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहां कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी प्रतिबध्दता और क्रांतिकारी विचारों विकास होता है. कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में सुमती ढोके, वैशाली घाटोल, छाया वानखडे, मंगेश गावंंडे, संजय गुल्हाने, मुकुंद चौधरी, सतीश माहोरे तथा चव्हाण मैडम, शिंदे मैडम, ज्ञानेश्वर पातुर्डे, सुमित भाविक, प्रमोद भगत, कुबटेकर विद्यालय के अन्य शिक्षक – शिक्षिकाएं आदि उपस्थित थे.





