महर्षि श्रृंग ऋषीजी की भव्य शोभायात्रा 2 को

अष्ट धातु की प्रथम प्रतिमा

अमरावती/ दि. 30- सिखवाल समाज के पूज्य महर्षी श्रृंग ऋषी की अष्टधातु की भारतवर्ष में प्रथम प्रतिमा की आगामी सोमवार 2 फरवरी को भव्य शोभायाात्रा आयोजित की गई है. जिसमें अंबा नगरी और आसपास के नगरों, शहरों के सिखवाल समाज के प्रमुख बंधु भगिनी उत्साहपूर्वक सहभागी होनेवाले हैं. राधाकृष्ण मंंदिर मच्छीसाथ से दोपहर 3 बजे बैंडबाजा के साथ निकाली जाती शोभायात्रा (चल समारोह) में सभी से राजस्थानी वेशभूषा में सह परिवार सम्मिलित होने का अनुरोध सिखवाल उत्सव समिति ने किया है.
समिति ने बताया कि प्रसादी यजमान सुरेश शेषमल जी पांडे हैं. उल्लेखनीय है कि महर्षी श्रृंग ऋषि ने चांदुर रेलवे रोड के तपोवनेश्वर के वन में अखंड तपस्या की थी. उन्हीं की तपस्या के कारण उक्त क्षेत्र को तपोवनेश्वर कहा जाता है. जहां मान्यतानुसार चमत्कारिक और सभी की मनोकामना पूर्ण करने वाले शिवलिंग तपोवनेश्वर विराजमान हैं. यह भी मान्यता है कि महर्षी श्रृंग ऋषि द्बारा दिए गये सुफल पश्चात राजा दशरथ को चार पुत्र रत्न प्राप्त हुए. सिखवाल समाज के सभी बंधु भगिनी से सोमवार की शोभायात्रा में सहभागी होकर गुरू महर्षि श्रृंग का आशीर्वाद प्राप्त करने की विनती सिखवाल उत्सव समिति ने की है.

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