गजानन महाराज मंदिर के गहनों का लोभ पडा भारी
मंदिर बोर्ड से शालीग्राम टिबडीवाल बरखास्त

वर्धा/ दि. 20- यहां के प्रसिध्द संत गजानन महाराज देवस्थान में चांदी के आभूषणों को कथित रूप से हडप करनेवाले ट्रस्टी शालीग्राम टिबडीवाल को देवस्थान समिति ने हटा दिया है. शालीग्राम के विरूध्द समिति ने पुलिस थाने में शिकायत दी थी. जिसके बाद टिबडीवाल ने चांदी देवस्थान को लौटा दी.
चांदी का मुकुट बनाने के लिए एक साल पहले देवस्थान समिति में निर्णय किया था और आभूषण स्वरूप की एक किलो 900 ग्राम चांदी मुकुट बनाने सराफ को दी गई. वह चांदी ट्रस्टी शालिग्राम टिबडीवाल ने कुछ कारण देते हुए सराफा दुकान से परस्पर उठा ली. मुकुट वर्ष भर बाद भी तैयार न होने से देवस्थान समिति ने टिबडीवाल से चांदी लौटाने कहा. बारंबार तकाजा करने पर भी चांदी न मिलने पर पुलिस शिकायत का निर्णय किया गया. आखिर शालिग्राम ने चांदी देवस्थान को लौटा दी है.
डॉ. नारायण निकम ने देवस्थान की आमसभा में टिबडीवाल पर चांदी के गहनों संबंधी प्रस्ताव रखा. प्रवीण हिवरे ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया. सभा में समिति अध्यक्ष मोहन अग्रवाल, ज्ञानेश्वर पहाडे, शेखर शेंडे, मधुसूदन अग्रवाल उपस्थित थे. शालीग्राम टिबडीवाल वर्धा के व्यापारी नेता के रूप में प्रसिध्द है. उनका मंदिर संस्थान से इस प्रकार निकाला जाना यहां सर्वत्र चर्चा का विषय बना है.





