मनपा में भी महायुति!
अभी तो यही संकेत

* महापौर, उपमहापौर के नामांकन का आएगा नया कार्यक्रम
* बीजेपी के नाम तय होने में देरी
अमरावती/दि.26 – इलेक्शन भले ही अलग-अलग लडे किंतु अब धीरे-धीरे स्पष्ट हो गया कि, अमरावती महापालिका में भी राज्य सरकार के समान महायुति का राज कायम होगा. भाजपा, युवा स्वाभिमान, शिवसेना शिंदे गट, राष्ट्रवादी (अजीत पवार) मिल-बैठकर सत्ता स्थापित करने की संभावना बलवती हुई है. कहा जा रहा है कि, जनता और कार्यकर्ताओं को जवाब देने की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रवादी नेता और विधायक संजय खोडके महापालिका की सत्ता में सहभागी होंगे.
अमरावती मनपा में तीनों दल संख्या के आधार पर आसानी से सत्ता स्थापित कर सकते है, इस प्रकार के संकेत 16 जनवरी के मतगणना व नतीजों से स्पष्ट हो गया था. किंतु विधायक संजय खोडके ने विधायक रवि राणा के युवा स्वाभिमान के साथ न जाने की घोषणा कर दी थी. फलस्वरुप सरकार स्थापना का पेंच अटक गया था. अलग-अलग प्रकार की अटकले शुरु हो गई थी. कई स्वनाम धन्य राजनीतिक पंडित समीकरण बनाते, बिगाडते आंकडे पेश कर रहे थे.
ऐसे ही एक समीकरण में कहा जा रहा था कि, राष्ट्रवादी को सत्ता से बाहर रखने युवा स्वाभिमान द्वारा बसपा और शिंदे गट को साथ लेकर बीजेपी से मिलकर सत्ता स्थापित की जा सकती है. ऐसे ही अन्य समीकरण में राष्ट्रवादी के साथ आने पर भाजपा और वायएसपी तीनों मिलकर आराम से महापालिका में सत्ता गठित कर सकते हैं, की भाषा हो रही थी. इस समीकरण के साथ महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के अध्यक्ष पद को लेकर भी कयास शुरु थे. बीजेपी का महापौर, राष्ट्रवादी या शिवसेना शिंदे का उपमहापौर और तिजोरी की चाबी अर्थात स्थायी समिति अध्यक्ष पद 15 नगरसेवकों वाले वायएसपी के नेता को दिए जाने की प्रबल संभावना बताई जा रही थी. चुनाव अब 6 फरवरी को होना है. राजनीतिक बिसात बिछी हुई है. अधिकांश दलों ने अपने गट नेता तय कर दिए हैं.
चुनाव परिणामों की घोषणा के 10 दिनों पश्चात अब काफी कुछ स्पष्ट हो रहा है. गट नेता के नाम तय हो गए है. जिससे अधिक संभावना महायुति की सत्ता स्थापित होने की बताई जा रही है. समझा जाता है कि, विधायक संजय खोडके राज्य के अपने नेताओं के निर्णय व आदेश की राह देख रहे थे. अब संकेत मिल रहे हैं कि, अपने कार्यकर्ता के हित में विधायक संजय खोडके ने सत्ता से जुडने का मन बना लिया है. वे जनता और कार्यकर्ताओं को जवाब देने के लिए महापालिका की सत्ता में सहभागी होने का निर्णय करनेवाले है. सूत्रों ने यही संकेत दिए हैं.
राष्ट्रवादी के मनपा में सत्ता में भागीदार होने के फैसले की स्थिति में समीकरण सीधे-सीधे हो गए हैं. 11 सदस्यीय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, 25 सदस्योंवाली भाजपा और 15 सदस्योंवाली युवा स्वाभिमान एवं 3 सदस्यों के साथ शिवसेना शिंदे गट सहित मिलकर मनपा सदन में 54 का बहुमत प्राप्त कर सत्तासीन हो सकती है. यह महायुति पांच वर्षों तक मनपा में सत्तासीन की संभावना जानकार फिलहाल बता रहे हैं. ढाई वर्षों के महापौर कार्यकाल का कुछ नियम उपरोक्त दलों का आपस में हो सकता है.
इस बीच बीजेपी खेमे से खबर आई है कि, आज मुंबई में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम संपन्न कर नागपुर लौटेे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विदर्भ की चारों महापालिका में महापौर के विषय में महत्वपूर्ण निर्णय कर सकते हैं. भाजपा का फैसला शाम तक आने की संभावना बताई जा रही है.





