सशक्त राष्ट्र के लिए तंदुरुस्त नागरिक आवश्यक

राष्ट्रपति ने श्रद्धा से कहा ‘गण गण गणात बोते’

* शेगांव में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन का भव्य उद्घाटन
* रसोई घर और खेतों में आयुर्वेद का उपयोग बढाएं
शेगांव/दि.25 – देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने आज कहा कि, सशक्त राष्ट्र के लिए निरोगी नागरिक आवश्यक है. भारत की आयुर्वेद और योग एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति भी बडा महत्व रखती है. बल्कि भारतीयों को अपने रसोई घर और खेतों में आयुर्वेद का उपयोग बढाना चाहिए. उन्होंने जंगल बचाने के साथ औषधीय वनस्पतियों के जतन का भी आवाहन किया.
महामहिम आज दोपहर यहां संत नगरी में गजानन महाराज अभियांत्रिकी महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय आयुष स्वास्थ्य सम्मेलन का उद्घाटन कर रही थी. उन्होंने अपने संबोधन का प्रारंभ ‘गण गण गणात बोते’ का घोष कर उपस्थितों का मन जीत लिया. मंच पर महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत, केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव, पालकमंत्री मकरंद पाटिल, विधायक संजय कुटे, आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा उपस्थित थे.
महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि, योग, यूनानी, होमियोपैथ और आयुर्वेद प्रणाली ने आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का तनाव कम किया है. उन्होंने देशवासियों से आवाहन किया कि, तनावमुक्त रहें, थोडा खाइएं, अधिक जीयें. उन्होंने आयुर्वेद का भी स्वयं उपयोग करने की बात कही तो उपस्थित हजारों लोग और गणमान्यों ने तालियों की गडगडाहट की. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि, स्वस्थ भारत के लिए सभी को योगदान देना चाहिए. अपने नपेतुले, सटीक संबोधन में राष्ट्रपति ने देशवासियों से स्वस्थ रहने के लिए सभी प्रयत्न करने का आवाहन कर कहा कि, सुदृढ राष्ट्र के लिए सर्वप्रथम सुदृढ, स्वस्थ नागरिक आवश्यक होते हैं. उन्होंने दुनिया के कतिपय देशों का उल्लेख कर संत नगरी शेगांव की भी अपने उद्बोधन में प्रशंसा की.
* जीवन गौरव पुरस्कार प्रदान
राष्ट्रपति महोदया के हस्ते आयुर्वेद क्षेत्र के उल्लेखनीय योगदान हेतु कई चिकित्सकों को जीवन गौरव पुरस्कार से अलंकृत किया गया. उनमें देवेंद्र त्रिगुणा, राकेश शर्मा, डॉ. मनीषा कोठेकर, आशुतोष गुप्ता, पीएम वारयन, रामदास आव्हाड का समावेश रहा. राष्ट्रपति ने अपनी सहज, सुलभ शैली से पुरस्कार विजेताओं पर छाप छोडी.
* आयुष मंत्रालय को दी पहचान
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने संबोधन में कहा कि, आयुष मंत्रालय को अलग पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बदौलत प्राप्त हुई है. उन्होंने घर-घर में आयुर्वेद का उपयोग बढाने का आवाहन कर रितुचर्या, शोधनक्रिया पर भी बल दिया. राज्यपाल ने कहा कि, मानव शरीर पंचतत्व से बना है. निरोगी जीवन में ही धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति होती है.
* पूरे विश्व में करेंगे आयुर्वेद का प्रचार
आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने राष्ट्रपति महोदया के संत नगरी पधारने पर अत्यंत आनंद और गौरव की अनुभूति का उल्लेख किया. आपने कहा कि, आज संत नगरी बडी प्रसन्न है. देश की राष्ट्रपति के चरण इस पवित्र नगरी में आये हैं. उन्होंने आयुर्वेद को बेजोड चिकित्सा प्रणाली बताते हुए दुनियाभर में सबूतों, प्रमाणों के साथ आयुर्वेद का जोरदार प्रचार-प्रसार करने का संकल्प व्यक्त किया. प्रतापराव जाधव ने कहा कि, औषधी, वनस्पति का संरक्षण, खेती, संशोधन और किसानों की आमदनी बढाने के लिए आयुष मंत्रालय कटिबद्ध है. प्रतापराव जाधव ने स्वास्थ्य सम्मेलन की अनेकानेक विशेषताओं का भी उल्लेख किया. यहां उपलब्ध सुविधाओं से बुलढाणा जिले ही नहीं आसपास के अनेकानेक ग्रामों, कस्बों के लोगों को आयुर्वेदिक उपचार प्राप्त होने का उल्लेख केंद्रीय मंत्री ने किया.
* प्रकृति के साथ स्वस्थ रहो
प्रदेश के मंत्री और पालकमंत्री मकरंद आबा पाटिल ने कहा कि, आयुर्वेद का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यहीं है कि, प्रकृति के साथ स्वस्थ रहें. उन्होंने कहा कि, औषधी वनस्पतियों की खेती पर किसानों ने ध्यान देना चाहिए. इससे किसानों को ही अधिक लाभ मिलेगा. प्रस्तावना राजेश कोटेचा ने रखी और कहा कि, आयुर्वेद, योग, यूनानी, होमियोपैथी आदि प्रणाली को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुदृढ स्थान मिल रहा है. कार्यक्रम का समापन महाराष्ट्र गीत से हुआ.
* समाधी दर्शन किये
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संत नगरी पधारने पश्चात सर्वप्रथम संत गजानन महाराज समाधी मंदिर जाकर दर्शन किये. वहां की सुंदर व्यवस्था देखी और उसकी सराहना की. राष्ट्रपति ने नमन करते हुए कहा कि, भारत वर्ष ऐसे संतों के कारण पवित्र पावन और प्रेरक भूमि बना है.

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