20 को कृषि उपज मंडी विभाजन मामले की सुनवाई

दोनो मंडी में प्रशासक कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई है रोक

अमरावती /दि.11 अमरावती व भातकुली कृषि उपज मंडी में प्रशासक राज लागू है. 48 घंटों में ही दोनों मंडी के प्रशासक की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने अस्थायी रोक लगा दी थी. अब इस मामले की सुनवाई 20 फरवरी को तय की गई है. कृषि मंडी के निवर्तमान सभापति तथा बर्खास्त घोषित संचालकों ने सहकार विभाग की कार्रवाई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ से स्टे ऑर्डर लाया है. इस मामले में पहले सुनवाई की तारीख 28 जनवरी निश्चित की गई थी. लेकिन उस दिन सुनवाई नहीं हो पाने से अब सुनवाई की तारीख 20 फरवरी मुकर्रर किये जाने की जानकारी संचालक नाना नागमोते ने दी है.
इस मामले में याचिकाकर्ता हरीश एकनाथराव मोरे और अन्य संचालकों ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए बताया कि, 22 जनवरी 2026 को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से कृषि उपज मंडी को दो हिस्सों में बांटने और नये प्रशासकों को नियुक्त करने का निर्णय कानून के तहत सलाह मशवरा किये बिना लिया गया है. यह कदम कृषि उपज मंडी अधिनियम की धारा 44 का उल्लंघन है. कोर्ट ने यह भी नोट किया है कि, इस मामले में पहले से ही दो याचिकाएं लंबित है. जिनमें अमरावती कृषि उपज मंडी के प्रशासक और कार्यवहियों को लेकर विवाद चल रहा है. कोर्ट ने यह भी बताया कि, प्रशासकों द्वारा कब्जा करने और तिजोरी सील करने की कार्यवाही फिलहाल पूर्व आदेशों के विपरित प्रतित होती है. वैसे भी अमरावती मंडी के निवर्तमान संचालक मंडल का कार्यकाल पूर्ण होने में अभी दो वर्ष से अधिक का समय शेष है. लेकिन कार्यकारिणी मंडल का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही अचानक संचालक मंडल बर्खास्त किये जाने की कार्रवाई सरकार की अजब तानाशाही से कम नहीं है.

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