जिप क्लर्क के हाईकोर्ट से राहत
रिश्वत खोरी के आरोप से बरी

नागपुर/ दि. 29 – बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने बुलढाणा जिला परिषद के वरिष्ठ लिपिक श्रीकांत श्रीनिवास सोवले को रिश्वत खोरी के लगभग दो दशक पुराने केस में बरी कर दिया. कोर्ट ने एसीबी के विशेष जज द्बारा 2011 में आरोपी श्रीकांत सोवले को सुनाई सजा खारिज कर दी. जस्टिस निवेदिता मेहता ने उक्त फैसला दिया.
महाविद्यालय में शारीरिक शिक्षा के निदेशक विजय नामदेवराव हेडाउ द्बारा 2005 में शिकायत दी गई थी. एसीबी को दी शिकायत में विजय ने कहा कि उनकी बेटी के अपेंडिक्स के ऑपरेशन के 9 हजार रूपए का मेडिकल बिल पास करने के लिए जिप क्लर्क श्रीाकांत सोवले ने 500 रूपए रिश्वत मांगी थी. एसीबी ने सोवले को पकडा था. उनकी पेंट की जेब से 500 रूपए का चिन्हित नोट भी बरामद किया था.
विशेष न्यायालय ने 2011 में सोवले को भ्रष्ट्राचार प्रतिबंधक कानून 1988 की धारा 7 और 13 (2) के तहत दोषी पाकर 6 माह की सजा और जुर्माना किया था. सोवले ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. उनकी ओर से वरिष्ठ वकील अविनाश गुप्ता और आकाश गुप्ता ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा. सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी वकील एस.एस. हुलके ने पैरवी की. कोर्ट में फैसले में कहा कि इस प्रकरण ेमें भ्रष्टाचार साबित नहीं किया जा सका है. संदेह का लाभ देकर कोर्ट ने सोवले को बरी कर दिया.





