हिन्दू संस्कृति यह केवल परंपरा नहीं, वह एक जीवनशैली है
महेंद्र रायचुरा का प्रतिपादन

* साईनगर में उत्साह से हुआ विशाल हिन्दू सम्मेलन
अमरावती / दि.19 – साईरत्न लॉन, साईनगर में सकल हिंदू समाज द्बारा आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन बडे उत्साह से तथा अनुशासनपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. हिंदू संस्कृति का जतन, उसका सशक्तीकरण और सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए आयोजित इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में अमरावतीवासी उपस्थित थे.
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख महेंद्र रायचुरा ने अपनी ओजस्वी शैली में मार्गदर्शन के दौरान कहा कि हिंदू संस्कृति यह केवल परंपरा नहीं, वह एक जीवनशैली है. आज के समय में अपनी संस्कृति को बनाए रखना और उसका सशक्तीकरण करना यह समय की जरूरत है, यह बात उन्होंने कही. इस समय उन्होंने जातीय और पंथीय भेदभाव को भूलाकर ‘हिंदू’ के तौर पर संगठित होने का आवाहन किया. इस प्रसंग पर सुश्री रामप्रियाश्री (अमरावती) ने अपने आशीर्वचन से अध्यात्मिक प्रबोधन किया. उन्होंने हिंदू धर्म के मानवीय मूल्यों का महत्व बताकर युवापीढी को संस्कारक्षम रहने का मार्गदर्शन किया. साथ ही इस सम्मेलन में प्रमुख उपस्थिति के तौर पर अमरावती के सुप्रसिध्द समाजसेवक रवीन्द्रसिंग उर्फ बिटटू सलूजा तथा बसेरिया उपस्थित थे.
सम्मेलन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में 14 मार्च को तखतमल हाईस्कूल से निकली भव्य बाईक रैली ने पूरे शहर का ध्यान बंटाया. भगवे ध्वज और जयघोष से परिसर गुंजायमान हो गया था. साथ ही साई मंदिर ट्रस्ट हाल में आयोजित स्पर्धाआेंं को भी भारी प्रतिसाद मिला.16 वर्ष से नीचे और 16 वर्ष से उपर ऐसे दो गुटों में यह स्पर्धा हुई. जिसमें महिलाओं ने उत्स्फुर्त सहभाग दर्ज किया. छोटे बच्चों की श्लोक स्पर्धा में बच्चों ने श्लोक प्रस्तुत कर सभी के दिल जीत लिए. साथ ही वीर- वीरांगना, क्रांतिकारक और संत इस विषय पर आधारित वेशभूषा कर आए हुए बालकों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए.
इस सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए रोहित देशमुख, नरेंद्र करेसिया व अपर्णा शास्त्री सहित सकल हिंदू समाज के कार्यकर्ताओं ने अथक परिश्रम किए. कार्यक्रम का समापन के बाद सभी भक्तों तथा नागरिकों को राम खिचडी महाप्रसाद का वितरण किया गया. इस सम्मेलन से साईनगर में एकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला. कार्यक्रम का संचालन मंदार नानोटी व जान्हवी पानट ने किया. आभार नरेंद्र करेसिया ने माना.





