2 को होलिका दहन, 3 को सूर्यग्रहण
अमरावती में दिखाई देगा ग्रहण का असर

* पुरोहितों ने कहा – नियम माने जाने चाहिए
अमरावती/ दि. 19- शहर के प्रमुख पुरोहितों ने बताया कि आगामी पूर्णिमा अर्थात होली का दहन 2 मार्च को किया जायेगा. अगले दिन 3 मार्च को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण रहेगा. अत: मान्यता अनुसार ग्रहण के नियम और वेद का पालन करना होगा. ग्रहण काल दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक रहने की जानकारी भी पंडितों ने दी. उसी प्रकार कुछ बातों के संभ्रम के विषय में उन्होंने कहा कि अमरावती के सभी पुरोहित चर्चा कर निर्णय और घोषणा करेंगे.
पं. रवि शर्मा ने बताया कि होली सोमवार 2 मार्च को दहन किया जायेगा. पूर्णिमा तिथि संध्याकाल 5.55 बजे महाराष्ट्रीयन पंचाग के अनुसार आरंभ होगी. इसी समय से भद्रा भी आरंभ होगी. जो सबेरे 5.28 तक रहेगी. धर्मग्रंथों में मध्यरात्रि के उपरांत भद्रा रहने पर होली का दहन प्रदोषकाल मेें करना चाहिए, ऐसा स्पष्ट उल्लेख है. प्रदोष में होली का दहन करना शास्त्र सम्मत बताया गया है. भद्रा के पूच्छ काल में भी होली का दहन देर रात्रि से किया जा सकता है. सभी के लिए सुविधाजनक और शास्त्र अनुमति के द्बारा प्रदोषकाल उचित समय भी है. शाम 6.25 से 7.37 तक प्रदोषकाल रहेगाा. पं. रवि शर्मा के अनुसार मध्यरात्रि उपरांत 1.43 से 2.55 बजे तक रहेगा. सम्राट पंचांग में यह समय रात्रि 1.26 से दिया गया है. सम्रााट पंचांग में होली का दहन का समय प्रदोष मध्यकाल दिया गया है.
चंद्रग्रहण 3 मार्च को भारत में दोपहर 3.20 से संध्याकाल 6.47 तक रहेगा. इस बारे मेें पुरोहितों को मिलकर विचार विनिमय करना चाहिए. मुहूर्त और पूजा के विषय में जानकारी देनी चाहिए, ऐसी अपेक्षा अमरावती के धर्मावलंबी कर रहे हैं.





