सरकारी जमीन पर बने मकानों को अब किया जाएगा नियमित
जुर्माने में भी छूट दी जाएगी!

* सरकार द्वारा 12 जनवरी को जारी निर्णय
* अतिक्रमणधारकों को आवासीय प्रयोजन के लिए लाभ मिलेगा
अमरावती/दि.29 -ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार ने आवासीय प्रयोजनों के लिए भूमि पर अतिक्रमणों को नियमित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है और इस संबंध में 12 जनवरी को एक नया सरकारी आदेश जारी किया गया है. इस निर्णय से 1 जनवरी, 2011 से पहले हुए अतिक्रमणों को नियमित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. इससे पहले, भूमि माप, क्षेत्रफल सीमा और जुर्माना लगाने जैसी तकनीकी कठिनाइयों के कारण कई प्रस्ताव वर्षों से लंबित थे. सरकार की नई नीति के अनुसार, आवासीय उपयोग के लिए भूमि की सीमा और जुर्माना लगाने के नियमों में छूट दी गई है. इससे पात्र नागरिकों को भी राहत मिलेगी.
* इसलिए प्रस्ताव लंबित है
अतिक्रमणों को नियमित करने की प्रक्रिया ग्रामीण विकास और राजस्व विभागों द्वारा संयुक्त रूप से चलाई जानी है. नागरिकों में यह शिकायत थी कि इन दोनों विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पा रहा है.
* सरकारी आवास योजनाओं के लाभ और साथ ही गृह ऋण
स्वामित्व अधिकार प्राप्त करने के बाद, लाभार्थी बैंकों से गृह ऋण ले सकेंगे और साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, रमाई, शबरी और अन्य सरकारी आवास योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे.
* 1 जनवरी, 2011 से पहले हुए अतिक्रमणों पर लागू होगा निर्णय
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी जमीन पर 1 जनवरी, 2011 से पहले बने अतिक्रमणों और मकानों को नियमित करने का फैसला किया है. इसमें जिला कलेक्टर और गैरान के अधिकार क्षेत्र में आने वाली जमीनें भी शामिल हैं.
* स्थान सीमा में छूट
500 वर्ग फुट के मकान का नियमितीकरण निःशुल्क किया जाएगा, जबकि 500 वर्ग फुट से अधिक के स्थान के लिए, रेडी रेकनर दर के अनुसार भुगतान करना होगा.
* कई परिवारों को राहत मिलेगी
सरकार संपत्ति कर के माध्यम से स्थानीय निकायों को राजस्व उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है. इससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी. ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ मध्यम और छोटे शहरों में सरकारी भूमि पर आवासीय अतिक्रमणों को नियमित करने की नीति में नियमों के अनुसार संशोधन किया गया है. इसके साथ ही, सरकार ने 2011 से पहले बने निर्माणों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने का भी निर्णय लिया है. इस निर्णय से उन हजारों परिवारों के लिए रास्ता खुल गया है जो कई वर्षों से अनिश्चितता में जी रहे थे, अब वे अपने घरों के कानूनी मालिक बन सकेंगे.
* अतिक्रमित भूमि पर बने मकान होंगे नियमित
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर रहने वाले नागरिकों के आवासीय घरों को नियमित करना है, और पात्र लाभार्थियों को कानूनी स्वामित्व अधिकार प्राप्त होंगे.
* पात्र लाभार्थियों के प्रस्तावों पर शीघ्रता से कार्रवाई
सरकार के इस नए फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी. अतिक्रमणों को नियमित करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया है, और पात्र लाभार्थियों के प्रस्तावों का तुरंत निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं.





