आखिर 10 दिनों में कैसे पूरा होगा चित्रा चौक फ्लाईओवर का बचा हुआ काम?
हाईकोर्ट ने काम पूरा करने 31 दिसं. की तय की थी डेडलाइन

* अब भी काफी सारा काम पडा है आधा-अधूरा, तय समय में पूरा होना मुश्किल
* ठेकेदार एजेंसी चाफेकर कंपनी द्वारा अदालत से मांगी जा सकती है समयावृद्धि
अमरावती/दि.19 – स्थानीय चित्रा चौक से पठान चौक एवं वलगांव रोड की ओर जानेवाले रास्ते पर बन रहे फ्लाईओवर का निर्माण विगत करीब 7 वर्षों से चल रहा है और इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद यह काम आधा-अधूरा ही पडा हुआ है. जिसे लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने सरकार एवं प्रशासन को कडी फटकार लगाने के साथ ही इस फ्लाईओवर का बचा हुआ काम 31 दिसंबर से पहले पूरा करने का निर्देश जारी किया था. इसके बाद इस फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में थोडी-बहुत तेजी भी आई थी. लेकिन इसके बावजूद इस समय फ्लाईओवर के आधे-अधूरे निर्माण की जिस तरह से स्थिति है, उसे देखते हुए स्पष्ट है कि, अगले 10-11 दिनों के भीतर यानि 31 दिसंबर से पहले इस फ्लाईओवर के बाकी बचे काम का पूरा होना मुश्किल है. ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात की ओर लगी हुई है कि, आखिर इस मामले में अदालत की ओर से कौनसा अगला कदम उठाया जाता है तथा इस फ्लाईओवर का भविष्य क्या तय होता है.
इस संदर्भ में दैनिक ‘अमरावती मंडल’ द्वारा अपने स्तर पर की गई पडताल में पता चला कि, संभवत: इस फ्लाईओवर के निर्माण की जिम्मेदारी रहनेवाली ठेकेदार एजेंसी चाफेकर कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा फ्लाईओवर के निर्माण को पूरा करने हेतु अदालत से एक्सटेंशन यानि समयावृद्धि दिए जाने की मांग की जा सकती है. विशेष उल्लेखनीय है कि, चाफेकर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने फ्लाईओवर से निर्माण हो रही देरी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के समय भी अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए अदालत को बताया था कि, कंपनी द्वारा फरवरी माह के अंत तक फ्लाईओवर का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा और काम खत्म करते हुए फ्लाईओवर का हस्तांतरण पीडब्ल्यूडी को कर दिया जाएगा. कंपनी द्वारा फरवरी माह तक समय मांगते हुए तर्क दिया गया था कि, इस प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण रुट पर शनि मंदिर की ओर जानेवाले रास्ते, पठान चौक की ओर जानेवाले रास्ते व एकेडेमिक स्कूल के सामनेवाले हिस्से में तीन गाले डालने का काम होना बाकी है. जिसे पूरा करने के बाद फ्लाईओवर की उपरी हिस्सेवाली सडक पर डांबरीकरण किया जाएगा. साथ ही चित्रा चौक, पठान चौक व वलगांव रोड की तरफ निचली सडक से जुडनेवाले फ्लाईओवर के हिस्से के आसपास कुछ जरुरी कामों को भी तेजी से निपटाया जाएगा. जिसके लिए 31 दिसंबर तक समय काफी हद तक अपर्याप्त रहने की बात चाफेकर कंपनी ने पहले ही स्पष्ट कर दी थी. हालांकि इसके बावजूद हाईकोर्ट ने 31 दिसंबर की अंतिम डेडलाइन तय की थी. जिसके बाद इस फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को काफी हद तक रफ्तार दी गई, परंतु अब भी इस फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होना बाकी है. जिसके चलते अब यह देखना दिलचस्प होगा कि, क्या चाफेकर कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा एक बार फिर अदालत पहुंचकर खुद को इस फ्लाईओवर का निर्माण पूरा करने हेतु अतिरिक्त समय दिए जाने की मांग की जाती है और यदि ऐसा होता है, तो अदालत द्वारा इस पर क्या फैसला दिया जाता है. साथ ही यह देखना भी अपने द्वारा तय की गई समयावधि के भीतर काम पूरा करने के आदेश का पालन नहीं होने को लेकर हाईकोर्ट द्वारा क्या कदम उठाया जाता है. जिसके चलते अब सभी की निगाहें 7 साल से प्रलंबित पडे चित्रा चौक फ्लाईओवर के आधे-अधूरे काम और इसे लेकर अदालत की ओर से दिए जानेवाले संभावित आदेश की ओर लगी हुई है.





