मुझे किसी पद का कोई लालच नहीं, मैं केवल खिदमत करने राजनीति में

प्रभाग क्र. 15 के राकांपा प्रत्याशी व पूर्व उपमहापौर शेख जफर का कथन

* राजनीति को बताया पिता शेख जब्बार से मिली विरासत, लोगों के सुख-दुख में काम आने की बात कही
अमरावती/दि.9 – अमरावती महानगर पालिका में इससे पहले उपमहापौर रहने के साथ ही दो बार मनपा चुनाव हार चुके शेख जफर शेख जब्बार इस बार प्रभाग क्र. 15 छाया नगर-गवलीपुरा से राकांपा प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में है. जिन्हें कई लोगों द्वारा भावी महापौर भी बताया जा रहा है. परंतु ऐसे तमाम दावों को खारिज करते हुए पूर्व उपमहापौर शेख जफर ने कहा कि, उन्हें किसी पद की कोई लालच नहीं है, बल्कि वे तो सुख-दुख में लोगों के साथ खडे रहने और जनता की खिदमत यानि सेवा करने के लिए राजनीति में आए है.
दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के साथ विशेष तौर पर बातचीत करते हुए पूर्व उपमहापौर शेख जफर ने कहा कि, उनका परिवार विगत 35 वर्षों से राजनीतिक व सार्वजनिक क्षेत्र में सक्रिय है और उन्हें उनके पिता पूर्व पार्षद मरहूम शेख जब्बार से राजनीति विरासत में मिली है, जिसे वे आगे बढाने का काम कर रहे है. इस बातचीत में शेख जफर ने खुद को गरीबों, मजदूरों और अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधि बताया. शेख जफर का दावा है कि वे 2012 से निशुल्क एम्बुलेंस सेवा चला रहे हैं और अस्पतालों में फल वितरण जैसे सामाजिक कार्य करते रहे हैं। शेख जफर कहते हैं कि उन्होंने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी और जिस पार्टी में विकास दिखा, वहीं गए। शेख जफर ने अपने पिता द्वारा पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और अन्य बड़े नेताओं के स्वागत का जिक्र करते हुए कहा कि, उनके परिवार ने किसी समय कांग्रेस के लिए कुर्बानी भी दी. लेकिन जैसे ही उन्हें यह एहसास हुआ कि, कांग्रेस द्वारा अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के विकास की अनदेखी की जा रही है, तो उन्होंने अपने समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए धर्मनिरपेक्ष पार्टी के तौर पर पहचान रखनेवाले डेप्युटी सीएम अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में प्रवेश किया है. जिसके जरिए वे मुस्लिम बहुल प्रभागों का विकास करने हेतु पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.

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