प्रभाग क्रमांक 4 जमील कॉलोनी में इस बार दिखेगी वजूद बचाने की जद्दोजहद
मनपा चुनाव के संभावित दावेदारों के नामों की ‘ग्राउंड रिपोर्ट’

* पिछली बार एमआईएम ने मारी थी बाजी, 4 में से 3 सीटे जीती थी
* कांग्रेस को केवल एक सीट पर मिली थी जीत, इस बार रोमांचक होगा मुकाबला
* एमआईएम किला बचाए रखने पर देगी जोर, कांग्रेस सेंध लगाने की तैयारी में,
* खोडके के नेतृत्व में राकांपा भी तैयार, डॉ. अलिम पटेल भी ताकत दिखाने बेताब, जबरदस्त रहेगी चुनावी टशल
* चारों दलों के पास एक से बढकर एक दावेदार, टिकट के लिए जबरदस्त रस्साकशीं
अमरावती /दि.10 – मनपा के आगामी चुनाव हेतु सभी की निगाहें प्रभाग क्र. 4 जमील कॉलोनी पर भी टिकी हुई है. जहां पर वर्ष 2017 में हुए मनपा चुनाव में सांसद असदउद्दीन ओवेसी की पार्टी ऑल इंडिया मजली से इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानि एमआईएम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 में से 3 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अब तक अपनी मजबूत पकड रखनेवाली कांग्रेस को 4 में से केवल एक सीट पर जीत हासिल हुई थी. ऐसे में अब इस बार जहां एक ओर एमआईएम द्वारा अपनी पिछली सफलता को बचाए रखने और उसी सफलता को दुबारा दोहराने की तैयारी की जा रही है. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अपने पुराने मतदाताओं को एक बार फिर अपने पाले में करते हुए एमआईएम का गढ बन चुके प्रभाग क्र. 4 जमील कॉलोनी में सेंध लगाकर इस प्रभाग में अपना वजूद बचाए रखने की पूरी जद्दोजहद कर रही है. इन दोनों दलों के साथ-साथ शहर के मुस्लिम मतदाताओं पर काफी हद तक अपनी मजबूत पकड रखनेवाले विधायकद्वय सुलभा खोडके व संजय खोडके के नेतृत्व में अजीत पवार गुट वाली राकांपा भी प्रभाग क्र. 4 जमील कॉलोनी में अपनी ताकत दिखाने के लिए पूरी तरह से बेताब है. इन सबके साथ ही विगत विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटों की बदौलत लगभग काफी बडा उलटफेर कर चुके आजाद समाज पार्टी के डॉ. अलिम पटेल भी इस बार मनपा चुनाव में अपना वजूद साबित करने की तैयारी में जुटे हुए है. ऐसे में मनपा चुनाव हेतु प्रभाग क्र. 4 जमील कॉलोनी में होनेवाली चुनावी टशल बेहद रोचक व रोमांचक होने के पूरे आसार है.
* पिछली बारी ऐसी थी स्थिति
– अ-सीट पर जीते थे एमआईएम के अफजल हुसैन मुबारक हुसैन
नागरिकों के पिछडा प्रवर्ग के लिए आरक्षित प्रभाग क्रमांक 4 की अ-सीट के लिए मैदान में कुल 8 दावेदार थे. जिसमें से एमआईएम के अफजल हुसैन मुबारक हुसैन ने 4 हजार 444 वोट हासिल करते हुए शानदार जीत दर्ज की थी. वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंदी व इंडियन युनियन मुस्लिम लीग के प्रत्याशी मो. इमरान अशरफी मो. याकूब को 2739 वोट हासिल हुए थे. इसके अलावा कांग्रेस प्रत्याशी शेख यासीर अराफार रहीम भारती को 2618, युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी शाह वहीद इरफान नियामतउल्ला शाह को 1162, राकांपा प्रत्याशी दिलबर शाह लतिफ शाह को 441, निर्दलीय प्रत्याशी शेख मोहम्मद सुभान को 380, अजीज खान सुलतान खान को 146 व कदीर शाह वजीर शाह को 118 वोट हासिल हुए थे.

– ब-सीट से जीती थी एमआईएम की साहिबा बी कय्युम शाह
प्रभाग क्रमांक 4 जमील कॉलोनी की ब-सीट नागरिकों के पिछडा प्रवर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित थी. इस सीट पर कुल 7 महिला प्रत्याशियों द्वारा दावेदारी पेश की गई थी. जिसमें से 4 हजार 72 वोट हासिल करते हुए एमआईएम की साहिबा बी कय्युम शाह ने शानदार जीत हासिल की थी. वहीं उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी व कांग्रेस प्रत्याशी सलमा बी अब्दुल मजीद को 3 हजार 887 वोट हासिल हुए थे. इसके अलावा इंडियन युनियन मुस्लिम लीग की प्रत्याशी कुबराबानो करामत अली को 2 हजार 545, निर्दलीय प्रत्याशी आबेदाबानो शब्बीर अली को 836, राकांपा प्रत्याशी अस्मा परवीन शेख कलाम 528 तथा निर्दलीय प्रत्याशी शेख अमिना खातून मो. हनिफ को 282 व हमिदा शाह खलील शाह को 175 वोट हासिल हुए थे.

– क-सीट से एमआईएम की सै. नजमुन्नीसा महमूद रही थी विजयी
सर्वसाधारण (महिला) के लिए आरक्षित प्रभाग क्रमांक 4 की क-सीट के लिए चुनावी मैदान में 7 महिला प्रत्याशी थी. जिसमें से एमआईएम प्रत्याशी सैयद नजमुन्निसा मेहमूद ने सर्वाधिक 3 हजार 248 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. वहीं उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी व कांग्रेस प्रत्याशी शेख करीमा बी बब्बू को 2 हजार 919 वोट हासिल हुए थे. इसके अलावा बसपा प्रत्याशी शेख शमा परवीन शेख अकबर ने 2 हजार 419, मुस्लिम लीग प्रत्याशी हमिदा बी मजीद खान ने 1 हजार 738, सपा प्रत्याशी हमिदा बी शेख अफजल चौधरी ने 997, राकांपा प्रत्याशी फरजाना परवीन सैयद शकील ने 367 तथा निर्दलीय प्रत्याशी रेश्मा परवीन रहमत खान पठान ने 574 वोट प्राप्त किए थे.

– ड-सीट से जीते थे कांग्रेस के अ. वसीम मजीद
प्रभाग क्रमांक 4 की सर्वसाधारण प्रवर्ग हेतु खुली रहनेवाली ड-सीट से कुल 13 दावेदार मैदान में थे. जिसमें से कांग्रेस के अ. वसीम मजीद ने सर्वाधिक 2939 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंदी व एमआईएम प्रत्याशी जकीमुल्ला जबीमुल्ला 2 हजार 132 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे. जबकि निर्दलीय प्रत्याशी इकरामोद्दीन निजामुद्दीन ने 1 हजार 869, मुस्लिम लीग प्रत्याशी अ. खालीक अ. बारी ने 1 हजार 437, निर्दलीय प्रत्याशी शफीक राजा ने 1 हजार 391, राकांपा प्रत्याशी सै. साबीर सै. बशीर ने 273, सपा प्रत्याशी शेख अफजल चौधरी ने 740, शिवसेना प्रत्याशी शे. इब्राहीम शे. करीम पटेल ने 120, निर्दलीय प्रत्याशी अनिस खान युसूफ खान ने 519, निर्दलीय प्रत्याशी अली अन्सार अली असगर ने 276, निर्दलीय प्रत्याशी हाजी आदिल अहमद मो. अय्युब साबीर ने 234, निर्दलीय प्रत्याशी आबीद हुसैन गुलाम हुसैन ने 218, निर्दलीय प्रत्याशी रफिक रिजवान मुद्दसीर अब्दुल ने 203, निर्दलीय प्रत्याशी अली अन्सार अली असगर ने 276 व निर्दलीय प्रत्याशी हाजी आदिल अहमद मो. अय्युब साबीर ने 234 प्राप्त किए थे.

* प्रभाग क्रमांक-4 जमील कॉलोनी में शामिल रिहायशी क्षेत्र
मेमन कॉलोनी, नूर नगर, टिचर कॉलोनी, जमील कॉलनी, ट्रक टर्मिनल, अस्मा कॉलोनी, यास्मीन नगर, गुलिस्ता नगर, अराफात नगर, भिवंडी नगर, गंभीरपुरा, लालखडी व अलहिलाल कॉलोनी इत्यादी.
* प्रभाग क्र. 4 जमील कॉलोनी की चतुर्सीमा
– उत्तर में मनपा की वायव्य सीमा से शुरु होकर वाहेद खान डीएड कॉलेज रोड से परफेक्ट धरमकाटे तक
– पूर्व में परफेक्ट धरमकाटे से वलगांव रोड पर दलेलपुरी नाले के पुल पर.
– दक्षिण में दलेलपुरी नाले के पुल से मनपा की हद तक.
– पश्चिम में दलेलपुरी नाले से होते हुए मनपा की हद तक.
* 31 हजार मतदाताओं के हाथ प्रत्याशियों का भविष्य
प्रभाग क्रमांक 4 जमील कॉलोनी की कुल जनसंख्या 31,005 तय की गई है. खास बात यह है कि, इस प्रभाग में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के नागरिकों व मतदाताओं की संख्या लगभग नगण्य है. क्योंकि इस प्रभाग में अनुसूचित जाति के केवल 5 व अनुसूचित जनजाति के मात्र 5 नागरिकों का समावेश है. जिसके चलते इस प्रभाग में एससी-एसटी फैक्टर का कोई विशेष प्रभाव नहीं दिखाई देगा. वहीं इस बार प्रभाग क्र. 4 में अ-सीट पिछडा प्रवर्ग, ब-सीट सर्वसामान्य (महिला), क-सीट सर्वसामान्य (महिला) तथा ड-सीट सर्वसामान्य प्रवर्ग के लिए आरक्षित हुई है, यानि ओपन (पुरुष) कैटेगिरी के लिए चुनाव लडने हेतु केवल एक ही सीट उपलब्ध है. जिसके चलते प्रभाग क्र. 4 जमील कॉलोनी में टिकट की दावेदारी से लेकर चुनाव में जीत तक संघर्ष बेहद प्रतिष्ठापूर्ण रहनेवाला है. क्योंकि इस एक सीट के लिए ही सभी दलों के पास दावेदारों की संख्या दर्जनों में है. वहीं सर्वसाधारण महिला हेतु आरक्षित अन्य दो सीटों पर भी दावेदारों की संख्या अच्छी-खासी रहेगी. जहां पर ड-सीट से पत्ता कटनेवाले दावेदारों के परिवार की किसी महिला को टिकट देते हुए उनका राजनीतिक पुनर्वसन करने का भी प्रयास हो सकता है.





