प्रभाग क्र. 18 में भाजपा ने शिंदे सेना के रितेश नेभनानी को दिया समर्थन
भाजपा ने वायएसपी के लिए युति के तहत छोडी थी 5 सीटें

* युति के टूटते ही 5 में से 4 सीटों पर अन्य प्रत्याशियों के समर्थन का फैसला
* 3 सीटों पर निर्दलिय व 1 सीट पर शिंदे सेना प्रत्याशी को दिया समर्थन
* 5 वीं सीट के तौर पर प्रभाग क्र. 20 में अभी वायएसपी प्रत्याशी के भविष्य को लेकर फैसला नहीं
अमरावती/दि.11 – महानगरपालिका चुनाव के बीच युति टूटते ही भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए आक्रामक रुख अपना लिया है. वायएसपी के लिए छोड़ी गई पांच सीटों को लेकर भाजपा ने अब पूरी तरह से पत्ते खोल दिए हैं. इसी कड़ी में प्रभाग क्रमांक 18 में शिंदे गुट वाली शिवसेना के प्रत्याशी रितेश नेभनानी को भाजपा का खुला समर्थन दिए जाने से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है.
बता दें कि, मनपा चुनाव हेतु युति के तहत भाजपा ने पहले वायएसपी के लिए पांच सीटें छोड़ी थीं, लेकिन इसके बावजूद युवा स्वाभिमान पार्टी ने इन पांच सीटों के अलावा अन्य कई सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ अपने प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है. साथ ही साथ कई सीटों पर युवा स्वाभिमान पार्टी के मुखिया व विधायक रवि राणा की पत्नी रहने के नाते भाजपा नेत्री रहने के बावजूद पूर्व सांसद नवनीत राणा द्वारा भाजपा प्रत्याशियों की बजाए खुलेआम तरीके से युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशियों का प्रचार किया जा रहा था. जिसे ध्यान में रखते हुए गत रोज चुनाव प्रचार की धामधूम के बीच भाजपा ने अकस्मात ही युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए छोडी गई पांचों सीटों पर वायएसपी प्रत्याशी की बजाए अन्य प्रत्याशियों का समर्थन करने की घोषणा की. जिसके चलते माना गया कि, मनपा चुनाव के लिए भाजपा एवं वायएसपी का गठबंधन टूट गया है. ऐसे में मनपा चुनाव के लिए गठबंधन टूटते ही भाजपा ने वायएसपी हेतु छोडी गई सीटों पर स्वतंत्र और निर्णायक रणनीति अपनाते हुए पांच में से चार सीटों पर अन्य प्रत्याशियों के समर्थन का ऐलान कर दिया है. इनमें तीन सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए गत रोज ही समर्थन घोषित कर दिया था. वहीं एक सीट पर शिंदे सेना प्रत्याशी को समर्थन देकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि अब चुनावी जंग बिना किसी दबाव के लड़ी जाएगी.
भाजपा द्वारा प्रभाग 18 में रितेश नेभनानी को समर्थन देने का फैसला स्थानीय सियासत के गणित को पूरी तरह बदलने वाला कदम माना जा रहा है. भाजपा के इस फैसले से न केवल वायएसपी बल्कि अन्य दलों की रणनीति भी हिलती नजर आ रही है. हालांकि, छोड़ी गई पांचवीं सीट यानी प्रभाग क्रमांक 20 को लेकर अभी भी सस्पेंस कायम है. भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस प्रभाग में वायएसपी प्रत्याशी के भविष्य को लेकर पार्टी स्तर पर मंथन जारी है और अंतिम फैसला किसी भी वक्त सामने आ सकता है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह आक्रामक कदम युति राजनीति के अंत और खुली चुनावी जंग की शुरुआत का संकेत है, जिससे आने वाले दिनों में नगर निगम चुनाव और अधिक तीखे और दिलचस्प हो जाएंगे.





