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सावधान : वर्ष में 365 दिन, खतरे आयेंग 560

मोैसम बदलाव का 2030 तक भयानक परिणाम

  • उष्णता की लहर तीन गुणा अधिक बढेगी

नई दिल्ली/दि.28 – अति बारिश, अति उष्ण तापमान, अति थंड यह चक्र फिलहाल चालू है. मौसम के बदलाव के कारण प्रकृतिक के चक्र में बिगाड निर्माण हुआ है. इसका विपरित परिणाम मानवीय जीवन पर हो रहा है. मौसम बदलाव का परिणाम 2030 तक तीव्र होते जाएगा. हर वर्ष करीब 560 प्राकृतिक खतरों का सामना पृथ्वीवासियों को करना पडेगा. ऐसी चेतावनी संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में दी है.
युनाईटेड नेशन्स ऑफिस फॉर डिझास्टर रिस्क रिडेक्शन (युएनडीआरआर) ने यह रिपोर्ट तैयार की है. फिलहाल की स्थिति को देखते हुए आगामी 8 वर्ष में दुनियाभर में हर वर्ष करीब 560 प्राकृतिक खतरों का सामना करना पडेगा, ऐसा उसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया है. प्राकृतिक खतरों का स्तर 2015 से हर वर्ष 400 इतना है.

वैश्विक अर्थव्यवस्था का नुकसान

प्राकृतिक खतरे के कारण 1990 के दशक में दुनिया को 70 अरब डालर का नुकसान हुआ था. अब यह प्रमाण 170 अरब डालर तक जा पहुंचा है. मौसम बदलाव के कारण भी प्राकृतिक खतरा नहीं बल्कि कोरोना महामारी, आर्थिक खतरा, अनाज की उपज कम इसमें भी वृध्दि हो रही है, और स्थित चिंताजनक होने की बात रिपोर्ट में लिखी है.

क्या कहती है रिपोर्ट

– 2030 तक उष्णता की लहर तीन गुणा अधिक होगी.
– अकाल की स्थित 30 प्रतिशत और ज्यादा होगी.
– गरीब देशों को बडे पैमाने पर आर्थिक नुकसान भुगतना पडेगा.
– लोगों की रोगप्रतिकारक शक्ति कम होती जाएगी.

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