
नई दिल्ली/दि.१८ – सीमा विवाद के चलते देश में जहां एक तरफ मबायकॉट चाइनाम की मांग जोर पकडती जा रही है, वहीं दूसरी ओर चीन के केन्द्रीय बैंक मपीपल्स बैंक ऑफ चाइनाम ने आईसीआईसीआई बैंक में निवेश किया है. यहां बता दें कि इससे पहले चीन के केन्द्रीय बैंक द्वारा भारत के एक और प्रमुख बैंक एचडीएफसी में भी निवेश किया गया था. आईसीआईसीआई बैंक द्वारा १५ हजार करोड रुपए का कैपिटल फंड जुटाया गया है. यह फंड मक्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंटम के जरिए जुटाया गया है।इन्हीं ३५७ इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की लिस्ट में चीन के केन्द्रीय बैंक का भी नाम है. चीन के केन्द्रीय बैंक के अलावा सिंगापुर की सरकार, मोर्गन इन्वेस्टमेंट समेत घरेलू म्युचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनियां और ग्लोबल इंस्टीट्यूट्स शामिल हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के बैंक द्वारा आईसीआईसीआई बैंक में किए गए निवेश से देश के बैंकिंग सेक्टर को कोई खतरा नहीं है. इसी साल अप्रैल में चीन के केन्द्रीय बैंक ने एचडीएफसी बैंक में १.०१ फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. एचडीएफसी देश में होम लोन देने वाला सबसे बडा बैंक है. चीन के एचडीएफसी में निवेश के बाद सरकार ने देश में निवेश के नियम कडे कर दिए थे. सरकार के नए नियमों के अनुसार, अब चीन सहित सभी पडोसी देशों से आने वाले निवेश के लिए सरकार की मंजूरी की जरुरत होगी. चीन के केन्द्रीय बैंक ने एचडीएफसी में अपनी हिस्सेदारी में कटौती की है.