
हिं.स/दि.१९
मुंबई – कोरोना की संक्रामक बीमारियों के खिलाफ किये जा रहे प्रतिबंधात्मक उपाय योजनाओं के कामकाज में शामिल किये गये शिक्षकों को इस काम से मुक्त करने का निर्णय शालेय शिक्षा विभाग द्वारा लिया गया है. इसके साथ ही अतिरिक्त शिक्षकोें, विशेषकर जिनका किसी शाला में समायोजन नहीं हुआ है, उन्हें ऑनलाईन शिक्षा प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है. ज्ञात रहे कि, राज्य में कोरोना संक्रमण का मुकाबला करने हेतु मार्च माह के दौरान लॉकडाउन घोषित किया गया. जिसके तहत सभी शालाओं को भी बंद कर दिया गया था. जो इस समय तक बंद ही है. प्रति वर्ष राज्य में १५ जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होता है, लेकिन कोरोना का संक्रमण नियंत्रण में आने की बजाय लगातार बढ रहा है. जिसकी वजह से फिलहाल शालाओं को बंद ही रखने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है, लेकिन ऑनलाईन शिक्षा के माध्यम से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने की घोषणा की गई है. लॉकडाउन को शिथिल किये जाने के बाद यद्यपि शालाएं बंद है, लेकिन शिक्षकों की उपस्थिति के संदर्भ में शालेय शिक्षा विभाग द्वारा मार्गदर्शक निर्देश घोषित किये गये है. जिसके तहत यातायात व्यवस्था नहीं रहने के चलते मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे व पालघर जिले के शिक्षकों को घर से ही काम करने की छूट दी गई है. वहीं जिन शिक्षकोें की उपस्थिति बेहद अनिवार्य है. उन्हें सप्ताह में एक या दो दिन ही शाला में बुलाया जाये तथा एक ही दिन सभी शिक्षकों को बिल्कूल ना बुलाया जाये. ऐसा निर्देश भी शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया था. वहीं अब शिक्षा विभाग की ओर से जारी किये गये नये आदेश में कहा गया है कि, जिन शिक्षकों को कोविड संक्रमण के प्रतिबंधात्मक उपायों के लिए सेवा अधिग्रहित किया गया है, उन्हें अब कार्यमुक्त कर दिया जाये और संबंधित शिक्षा अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधकर इस संदर्भ में आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिये.