ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी की मासिक बैठक में पुलिस प्रशासन को सूचना

* छात्रावास व स्कूलों में मादक पदार्थ विरोधी जागरूकता बढाने व्याख्यान का आयोजन भी करें
अमरावती/दि.3 – राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा पांच किलो एमडी ड्रग्स की जब्ती शहर के लिए खतरे की घंटी है. मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर विशेष रूप से युवाओं में जनजागरूकता बढ़ाई जाए तथा स्थानीय पुलिस तंत्र आपसी समन्वय बढ़ाकर एमडी ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने दिए.
जिलाधिकारी कार्यालय में नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई. बैठक में स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक किरण वानखेडे ने मादक पदार्थों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के मामले में किशोर और युवा वर्ग को अधिक लक्ष्य बनाया जा रहा है.
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर समाज कल्याण विभाग के सभी छात्रावासों और स्कूलों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर व्याख्यान आयोजित किए जाएं. आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में व्यापक जनजागरूकता फैलाई जाए तथा इसके लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए. ‘नशामुक्त भारत, खुशहाल भारत’ टैगलाइन के अनुरूप व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए. उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ समाज पर गंभीर दुष्परिणाम डालते हैं, इसलिए पुलिस द्वारा सतत संपर्क और कार्रवाई आवश्यक है. अमरावती में हालिया कार्रवाई के मद्देनज़र बंद मकानों और फ्लैटों पर निगरानी रखी जाए तथा गोपनीय पुलिस तंत्र को सतर्क किया जाए. आवश्यकता पड़ने पर नशीले पदार्थों की बिक्री में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ तड़ीपारी की कार्रवाई प्रस्तावित की जाए. साथ ही, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए गए कि रासायनिक कारखानों में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का उत्पादन न हो, इसकी सख्त निगरानी की जाए. विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में बंद पड़े कारखानों में अवैध रूप से नशीले पदार्थों के निर्माण की आशंका को देखते हुए ऐसे परिसरों पर विशेष नजर रखने के निर्देश जिलाधिकारी येरेकर ने दिए.





