सोना-चांदी के ‘धडाम’ होते ही निवेशकों में जबरदस्त हडकंप, बाजार में सन्नाटा
जनवरी माह की तेजी में लोगों ने जमकर खरीदा था सोना-चांदी

* अब 24 दिनों से दामों में चल रहा गिरावट का दौर
* बाजार के टूटते ही निवेशकों की जान फंसी सांसत में
* गुढीपाडवा वाले दिन थोडा संभला था बाजार
अमरावती/दि.23 – विगत 24 दिनों से सोने व चांदी के दामों में चल रही गिरावट के चलते इस समय जहां एक ओर शहर के सराफा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्राहकी नदारद है. वहीं दूसरी ओर विगत अक्तूबर से जनवरी माह के दौरान सोने व चांदी के दामों में रहनेवाली तेजी को देखते हुए चमकिली धातुओं में निवेश करनेवाले लोगों में बाजार के टूटते ही अब जबरदस्त हडकंप व्याप्त है. क्योंकि उन्हें सोने व चांदी में किया गया अपना निवेश डूबता दिखाई दे रहा है. जिसके चलते निवेशकों सहित सराफा व्यवसायियों में अच्छा-खासा हडकंप व्याप्त है. हालांकि इसके बावजूद राहत वाली बात यह रही कि, विगत दिनों गुढीपाडवा पर्व के मौके पर सराफा बाजार में थोडी-बहुत रौनक व चहल-पहल दिखाई दी तथा 10 से 12 फीसद ग्राहकी भी हुई. साथ ही साथ शहर में एक नया ज्वेलरी शोरुम भी खुला. जिसके चलते कहा जा सकता है कि, सराफा बाजार को अब भी ग्राहकों व निवेशकों से काफी उम्मीदे है.
बता दें कि, विगत अक्तूबर से जनवरी माह के दौरान सोने के दामों में अच्छा-खासा उछाल आया और चांदी ने भी जबरदस्त उछाल भरी. एक समय ऐसा भी रहा कि, चांदी ने तेजी के मामले में सोने को भी पीछे छोड दिया तथा चांदी 3 लाख 86 हजार रुपए प्रति किलो के स्तर पर जा पहुंची थी और इसके बावजूद चांदी की जबरदस्त मांग बनी हुई थी. जिसके चलते कई लोगों ने अपने पास का सोना बेचकर चांदी में निवेश करना शुरु किया था. हालांकि 24 कैरेट सोने के दाम भी लगातार उछलते हुए 1 लाख 78 हजार रुपए प्रति तोला के आसपास जा पहुंचे थे. जिसके चलते चमकिली धातुओं के दामों में और भी अधिक तेजी आने तथा बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए लोगों ने सोने व चांदी में जमकर निवेश करना शुरु किया था. लेकिन अब पिछले 24 दिनों से ईरान के साथ अमरीका व इजराईल की चल रही जंग तथा मध्य-पूर्व में जारी तनाव और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सराफा बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. खाड़ी युद्ध जैसे हालात और ईरान के साथ अमेरिका व इजराइल के जारी संघर्ष का असर अब सीधे तौर पर सोना-चांदी के बाजार पर दिखने लगा है. आज लगातार तीसरे दिन सोना और चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है.
सराफा बाजार सूत्रों के मुताबिक जहां बीते तीन दिनों के दौरान सोने के दामों में 12 हजार रुपए प्रति तोला तथा चांदी के दामों में 81 हजार रुपए प्रति किलो की गिरावट आई है. वहीं पिछले 24 दिनों में सोने के दाम 35 हजार रुपए प्रति तोला व चांदी के दाम 85 हजार रुपए प्रति किलो से टूटे है. जिसके चलते आज बाजार में 24 कैरेट सोने के दाम 1 लाख 35 हजार रुपए व 22 कैरेट सोने के दाम 1 लाख 29 हजार रुपए प्रति तोला है. जबकि आज चांदी के दाम 2 लाख 1 हजार रुपए प्रति किलो के स्तर पर रहे. सर्राफा व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, युद्ध के चलते निवेशकों का रुख बदलना, ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कतें, सुरक्षा (इनसिक्योरिटी) के कारण खरीददारी में कमी, बाजार में तेज बिकवाली जैसी वजहों के चलते सोने व चांदी के दामों में लगातार गिरावट देखी जा रही है और युद्ध की स्थिति लंबी खिंचने पर कीमतों में इससे भी अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
अमरावती शहर के स्थानीय सराफा व्यवसायियों के मुताबिक इस समय ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है. अनिश्चित माहौल के चलते लोग खरीददारी टाल रहे हैं, जबकि पुराने निवेशक मुनाफावसूली के लिए बिकवाली कर रहे हैं. खास बात यह भी है कि, इस समय दक्षिण भारत में सोने की खरीददारी में जबरदस्त गिरावट आई है. जबकि अमुमन तौर पर दक्षिण भारत में सोने की अच्छी-खासी मांग रहती है. वहीं दूसरी ओर देश के अन्य क्षेत्रों में भी सोने की खरीददारी काफी हद तक सुस्त है. जबकि बडे स्तर पर सोने की बिकवाली काफी तेज है. इसे भी सोने के दामों सहित चांदी के दामों आई गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है.
बता दें कि, विगत 29 जनवरी को सोने के दाम 1 लाख 78 हजार रुपए प्रति तोला तथा चांदी के दाम 3 लाख 86 हजार रुपए प्रति किलो के स्तर पर थे. वहीं विगत शुक्रवार 20 मार्च को बाजार बंद होते समय 24 कैरेट सोने के दाम 1 लाख 47 हजार रुपए प्रति तोला तथा चांदी के दाम 2 लाख 32 हजार रुपए प्रति किलो के स्तर पर थे. जबकि आज सोमवार को खुलते बाजार में 24 कैरेट सोने के दाम 1 लाख 35 हजार रुपए प्रति तोला व चांदी के दाम 2 लाख 1 हजार रुपए प्रति किलो रहे. जिसका सीधा मतलब है कि, विगत 29 जनवरी से आज 23 मार्च तक 24 दिनों के दौरान सोने व चांदी के दामों में जबरदस्त गिरावट आई है तथा विगत 28 फरवरी से खाडी देशों में पैदा हुए तनावपूर्ण हालात के बाद चमकिली धातुओं के दामों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है. जिसके चलते सराफा व्यवसायियों सहित निवेशकों में अच्छा-खासा हडकंप व्याप्त है.

* निवेश का ट्रेंड बदलने से सोने-चांदी में गिरावट
कुबडे ज्वेलर्स के संचालक समीर कुबडे के मुताबिक इस समय खाडी देशों में चल रहे युद्ध जैसे हालात की वजह से क्रूड ऑईल यानि कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है. जिससे डॉलर की स्थिति काफी हद तक मजबूत हुई है, तो बडे-बडे निवेशक सोने व चांदी से अपना निवेश निकालकर क्रूड ऑईल व डॉलर में निवेश कर रहे है. यानि कुल मिलाकर निवेश का ट्रेंड बढ गया है तथा सोने व चांदी की बिकवाली बढ जाने के चलते इन दोनों चमकिली धातुओं के दाम गिर गए है. समीर कुबडे के मुताबिक अभी दामों में और भी थोडी-बहुत यानि लगभग 3 से 5 प्रतिशत की गिरावट हो सकती है. लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ और दामों में उछाल आना शुरु हुआ, तो दोनों धातुओं में जबरदस्त तेजी आ सकती है.

* जल्द संभलेगा बाजार
अमरावती में चांदी के सबसे बडे कारोबारी तथा त्रिमूर्ति प्रॉडक्टस् के संचालक अमीत सोनी के मुताबिक युद्धजन्य हालात में अमुमन सोने व चांदी के दामों में तेजी आती है. परंतु इस समय खाडी देशों में व्याप्त तनाव के चलते क्रूड ऑईल के दामों में जबरदस्त इजाफा हो रहा है. जिसके चलते निवेश का रुख और प्रवाह पूरी तरह से बदल गए है. ऐसे में लोगबाग सोने व चांदी से अपना निवेश निकालकर कहीं अन्य अपना पैसा डाल रहे है. इसकी वजह से चमकिली धातुओं की बिकवाली बढ गई है और मांग में कमी आई है. जिसके चलते सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है. लेकिन इसके बावजूद बाजार के जल्द ही संभल जाने की भी पूरी उम्मीद है.

* गुढीपाडवा से बनी थोडी उम्मीदें
स्थानीय सराफा बाजार स्थित बजरंगलाल छोटेलाल वर्मा सराफा प्रतिष्ठान के संचालक शेखर वर्मा के मुताबिक विगत 24 दिनों से सोने व चांदी के दामों में लगातार आ रही गिरावट के चलते ग्राहकी काफी हद तक सुस्त हो गई थी. लेकिन गुढीपाडवा के पर्व पर ग्राहकों व निवेशकों का प्रतिसाद अच्छा रहा. जिसके चलते अब बाजार के धीरे-धीरे पटरी पर वापिस लौट आने की पूरी उम्मीद है. चूंकि अब बाजार में सोने व चांदी की खरीददारी थोडी-बहुत रफ्तार पकड रही है. क्योंकि सोने व चांदी के दाम काफी हद तक नीचे आ चुके है और अब यदि तेजी आती है, तो इससे लोगों को काफी बेहतर रिटर्न मिलने की पूरी उम्मीद है. * सन 1983 के बाद सबसे खराब सप्ताह
– सोने के दामों में 24 परसेंट की गिरावट, मार्केट कैप 60.3 बिलियन डॉलर से हुआ कम
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, जारी सप्ताह को सन 1983 के बाद सोने के लिहाज से सबसे बुरा सप्ताह कहा जा सकता है. क्योंकि विगत कुछ दिनों के दौरान सोने के दामों में 24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. साथ ही वैश्विक स्तर पर सोने के मार्केट कैप में 60.3 बिलियन डॉलर की कमी आई है. ऐसे में लगातार चल रहे इस तेजी-मंदी के दौर को देखते हुए सोने के निवेश को अब कतई सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है. जिसके चलते सोने में निवेश सेे अब निवेशकों का काफी हद तक मोहभंग हो रहा है.





