इस्कॉन ने गौर पौर्णिमा महामहोत्सव उत्साह से

रुसी भक्तों की भी विशेष उपस्थिति, सभी के साथ थिरके

अमरावती /दि.4 – इस्कॉन संस्थापक आचार्य श्रील भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के शिष्य विश्वविख्यात कीर्तन सम्राट लोकपूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज की प्रेरणा से इस्कॉन अमरावती केंद्र में गौर पूर्णिमा महामहोत्सव रुसी भक्तों की विशेष उपस्थिति में उत्साह से संपन्न हुआ.
महोत्सव का प्रारंभ तडके 4.30 बजे श्री श्री रुख्मिणी द्वारकाधीश की शुभमंगल आरती से हुआ. हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे का सामूहिक जाप किया गया. 7.30 बजे दर्शनार्थी और स्वामी प्रभुपाद की गुरुपूजा की गई. ग्रहण होने से संपूर्ण दिवस हरिनाम संकीर्तन किया गया. पट भले ही बंद रहे. ग्रहण मोक्ष होने पर संध्या 7.30 बजे श्री गौर निताई का महाभिषेक वरिष्ठ ब्रह्मचारी और गृहस्थ भक्तों द्वारा संपन्न हुआ. पद्मनाभ प्रभुजी, अद्वैत आचार्य, रणछोड कृष्ण प्रभुजी, सचिप्राण प्रभुजी, रामअवतार प्रभुजी, विठ्ठल प्रभुजी, सुंदरनाथ प्रभुजी, गोविंद प्रभुजी, नित्य हरिनाम प्रभुजी, अवतारी गोविंद प्रभुजी, आचार्य चंद्र प्रभुजी और वरिष्ठ भक्तों का समावेश रहा. संध्या 8.30 बजे छप्पनभोग दर्शन श्री गौर निताई महाआरती संपन्न हुई. अभिषेक दौरान रुस से आये भाविकों ने हरिनाम संकीर्तन और नृत्य किये. उपस्थित सभी भक्तों ने रुसी भाविकों के साथ नृत्य का आनंद लिया. संकीर्तन से परिसर गूंज उठा था.

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