प्रभाग क्रमांक 19 में जनआशीर्वाद यात्रा बनी न भूतो न भविष्यति
साईनगर-अकोली में उमड़ा अभूतपूर्व जनसैलाब, राजनीतिक

* समीकरणों को लगा झटका, युवा स्वाभिमान के सचिन भेंडे की बाजू मजबूत
अमरावती / दि. 11 – प्रभाग क्रमांक 19 साईनगर-अकोली में हाल ही में आयोजित की गई जनआशीर्वाद यात्रा ने क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास में न भूतो न भविष्यति ऐसा स्थान प्राप्त कर लिया है. इस यात्रा को नागरिकों से मिला समर्थन अभूतपूर्व रहा. पूरे इलाके में उत्साह, जोश और विश्वास का वातावरण देखने को मिला. जगह-जगह उमड़ा जनसैलाब, गूंजते नारे और नागरिकों की स्वयंस्फूर्त भागीदारी ने इस यात्रा को एक साधारण चुनावी कार्यक्रम से कहीं आगे पहुंचा दिया.युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवार सचिन ओंकारराव भेंडे, उदय गुलाबराव पर्वतकर और सौ. गौरी अमोल इंगळे के नेतृत्व में यह भव्य जनआशीर्वाद यात्रा निकाली गई.
यात्रा के पूरे मार्ग पर नागरिकों ने भारी संख्या में भाग लिया .कई स्थानों पर घरों से बाहर निकलकर लोगों ने उम्मीदवारों का स्वागत किया. महिलाओं द्वारा औक्षण, फूलों की वर्षा और युवाओं के जोशीले नारों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया.
* जनता का विश्वास सड़कों पर उतरा
इस जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान विकास चाहिए, जनता का प्रतिनिधि चाहिए, संघर्ष करने वाला नगरसेवक चाहिए जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा वर्षों से दबा असंतोष, अपेक्षाएं और आशाएं इस यात्रा के माध्यम से खुलकर सामने आईं. स्थानीय नागरिकों के अनुसार, प्रभाग क्रमांक 19 में इससे पहले इतनी विशाल, अनुशासित और स्वयंस्फूर्त जनआशीर्वाद यात्रा कभी देखने को नहीं मिली थी. खास बात यह रही कि इस यात्रा में किसी प्रकार का दबाव या औपचारिक बुलावा नहीं था, इसके बावजूद नागरिकों ने स्वयं आगे बढ़कर हिस्सा लिया. महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने इस यात्रा को और अधिक प्रभावशाली बना दिया.
* महिलाओं की निर्णायक भूमिका
इस जनआशीर्वाद यात्रा की सबसे प्रमुख विशेषता महिलाओं की बड़ी भागीदारी रही जलापूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सड़कें और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर महिलाओं ने खुलकर अपनी राय रखी. कई महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में साथ खड़ा रहने वाला प्रतिनिधि चाहिए. महिलाओं ने स्वयं आगे बढ़कर यात्रा के स्वागत की व्यवस्था की. कई स्थानों पर रंगोली सजाई गई, औक्षण किया गया और फूलों की वर्षा की गई. इस सहभागिता ने यात्रा को भावनात्मक और जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया.
* संघर्ष से उपजा विश्वास
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सचिन ओंकारराव भेंडे पिछले कई वर्षों से बिना किसी आधिकारिक पद के सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं टूटी सड़कों, जलापूर्ति की समस्याओं, प्रशासनिक लापरवाही और नागरिकों की शिकायतों को लेकर उन्होंने निरंतर प्रशासन से संवाद और संघर्ष किया. इस दौरान उन्हें विरोध, दबाव और अड़चनों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन वे कभी पीछे नहीं हटे. यही संघर्ष आज उनके चुनाव प्रचार की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है. उनके साथ उदय गुलाबराव पर्वतकर और सौ. गौरी अमोल इंगळे भी पूरी सक्रियता के साथ जनता के बीच मौजूद रहे, जिससे टीम को सामूहिक शक्ति मिली.





