‘जयदेव निजबोधा रामा परमार्थे आरती… परिपूर्ण कामा’
आलसी राममंदिर में उमडे श्रद्धालु

* भक्तों ने झूला झूलाया
* मुले गुरुजी के कीर्तन
अमरावती/दि.26 – अंबापेठ स्थित आलसी राम मंदिर में जन्मोत्सव उपलक्ष्य बडा सुंदर और सुहावना उत्सव हुआ. सैकडों की संख्या में भाविक सम्मिलित हुए. यह मंदिर अपनी लकडी के दरबार बनावट के कारण पंचक्रोषी में प्रसिद्ध है. आज राम जन्मोत्सव पर हभप उपेंद्र शालिकग्राम मुले गुरुजी ने सबेरे 10 बजे से ही कीर्तन की प्रस्तुति प्रारंभ कर दी थी. वे बीड जिले के उमापुर से खास रामनवमी निमित्त यहां पधारे हैं. मंदिर में भाविकों को भगवान रामलला को लकडी के पालने में विराजमान कर हिंडोले देने का अवसर मिलने से महिला हो या पुरुष बडी संख्या में भक्त उमडे थे. सभी के चेहरे राम जन्मोत्सव की बेला उपलक्ष्य दमक रहे थे. ‘जयदेव निजबोधा रामा परमार्थे आरती… परिपूर्ण कामा’ आरती गायी गई.
सर्वश्री शैलेश जोशी, शैलेश जोग, डॉ. आलसी, शर्वरी जोग, महेश जोग, प्रमोदिनी जोग, शार्दुल जोग, पार्थ जोशी, संध्या गजकेश्वर, कुर्हेकर, मुंजे, नीता वावगे, गंधे, घोडेगावकर, तिजारे, अलका कुर्हेकर, अपर्णा व्यवहारे, ज्योति निंबालकर, रुपाली जोग, रेवती देशपांडे, विभा ओक, स्नेहा अग्निहोत्री, मेघा जोशी, जयंत देशपांडे, स्वाती ठाकरे, श्री राम उपासना के सभी सभासद की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही. मंदिर में गत 19 मार्च गुढी पाडवा से ही रोजाना 13 घंटों का रामनाम जप हुआ.
7 दिवसीय उत्सव में अंबिका नगर भजनी मंडल, सरस्वती भजनी मंडल, श्रीराम महाराज भजनी मंडल, श्रीमती अकोलीकर, ब्रह्म चैतन्य भजनी मंडल, मुधोलकर पेठ महिला भजनी मंडल के भजनों का कार्यक्रम हुआ. आज भी मंदिर की छटा निराली रही. वहां बूंदी प्रसादी के साथ बताशा और गोपालकाला का प्रसाद सभी को वितरीत किया गया. नगर के कई गणमान्य रामनवमी पर उत्सव में इस मंदिर में अवश्य उमडते हैं.





