‘उपमहापौर’ में साथ को लेकर खोडके पशोपेश में
युति में शामिल होने के बावजूद रख रहे ‘सुरक्षित अंतर’

* ‘पॉलिटिकल डिलिंग’ के जरिए खुद का वजन बढाने की जद्दोजहद में दिख रहे खोडके
* पहले ‘पक्षश्रेष्ठी’ की लिया करते थे आड, अब पार्षदों के ‘मूड’ की वजह को किया आगे
अमरावती/दि.3 – अमरावती महानगर पालिका में भाजपा के साथ सत्ता स्थापित करने हेतु महायुति में शामिल होने को लेकर हामी जता चुके अजीत पवार गुट वाली राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक संजय खोडके अब भी युवा स्वाभिमान पार्टी को लेकर काफी हद तक पशोपेश में दिखाई दे रहे है और लगभग अंतरद्वंद से जुझते हुए अब भी संभ्रम का शिकार दिख रहे है. यही वजह है कि, युति के तहत युवा स्वाभिमान पार्टी के हिस्से में गए उपमहापौर पद के चुनाव के लिए कौनसी भूमिका अपनानी है, इसे लेकर विधायक संजय खोडके अब तक किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच पाए है. बल्कि लंबी ना-नुकूर के बाद युति में शामिल होने का फैसला लेने के बावजूद विधायक संजय खोडके अब तक इस बात को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पाए है कि, उपमहापौर पद के चुनाव के समय उनकी भूमिका क्या रहेगी.
बता दें कि, स्थानीय स्तर पर अजीत पवार गुट वाली राकांपा का नेतृत्व करनेवाले विधायक संजय खोडके व उनकी पत्नी विधायक सुलभा खोडके की युवा स्वाभिमान पार्टी के मुखिया व विधायक रवि राणा के साथ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा व प्रतिद्वंदीता जगजाहीर है और दोनों ही खेमें अक्सर ही एक-दूसरे को निशाने पर लेते रहते है. यही वजह रही कि, अमरावती महानगर पालिका के चुनाव हेतु जैसे ही भाजपा एवं युवा स्वाभिमान पार्टी के बीच युति होने की सरगर्मियां तेज हुई. वैसे ही विधायक संजय खोडके ने एकला चलो की भूमिका अपनाते हुए अकेले के दम पर चुनाव लडने का निर्णय लिया था. साथ ही चुनाव पश्चात जब मनपा में त्रिशंकू सदन वाली स्थिति बनी, तब भी विधायक संजय खोडके ने साफ तौर पर कहा था कि, वे ऐसे किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होंगे. जिसमें युवा स्वाभिमान पार्टी का सहभाग रहेगा. साथ ही विधायक संजय खोडके ने यह कहते हुए युति को लेकर संभावनाए के रास्ते खुले रखे थे कि, आगे का निर्णय पक्षश्रेष्ठी यानि पार्टी नेतृत्व की ओर से जारी होनेवाले दिशा-निर्देशों के आधार पर ही होगा. जाहीर सी बात है कि, अजीत पवार गुट वाली राकांपा में पक्षश्रेष्ठी का मतलब पार्टी प्रमुख व डेप्युटी सीएम अजीत पवार ही हुआ करते थे. परंतु बीते दिनों अजीत पवार की एक हवाई हादसे में आकस्मिक मौत हो गई. जिसके चलते पार्टी में कोई भी पक्षश्रेष्ठी नहीं रहा. ऐसे में स्थिति यह बन गई कि, स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने का पूरा दारोमदार विधायक संजय खोडके पर ही आ गया. जिसकी वजह से अब विधायक संजय खोडके के लिए स्थिति ‘क्या करें, क्या ना करें’ वाली हो गई है.
उल्लेखनीय है कि, गत रोज भाजपा द्वारा महापौर व उपमहापौर पद के चुनाव को लेकर होटल महफिल में अपने पार्षदों की बैठक बुलाने के साथ-साथ युति में शामिल घटक दलों के नेताओं व पार्षदों को भी आमंत्रित किया गया था. जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेत्री व स्थानीय विधायक सुलभा खोडके भी अपनी पार्टी के पार्षदों के साथ शामिल हुई थी. वहीं इस बैठक के लिए अमरावती आए भाजपा के मनपा निर्वाचन प्रभारी व विधायक संजय कुटे तथा पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री उपेंद्र कोठेकर ने भी खोडके परिवार के निवासस्थान पर भेंट देते हुए विधायक संजय खोडके से मुलाकात व चर्चा की थी, जिन्होंने विधायक संजय खोडके की सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत करवाई थी. जिसके बाद यह तय हो गया कि, मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी भाजपा के साथ युति में शामिल होगी. जिसके चलते विधायक सुलभा खोडके गत रोज भाजपा द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होने के लिए पहुंची थी. लेकिन होटल महफिल में आयोजित बैठक में हिस्सा लेने के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान विधायक सुलभा खोडके ने जहां एक ओर भाजपा के साथ अपनी युति और महापौर पद के चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. परंतु उन्होंने युवा स्वाभिमान पार्टी एवं उपमहापौर पद के चुनाव को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा. जिसके चलते अब इस बात को लेकर चर्चाएं शुरु हो गई है कि, युति के तहत युवा स्वाभिमान पार्टी के हिस्से में गए उपमहापौर के पद को लेकर विधायक खोडके दंपति की भूमिका क्या रहेगी.
बता दें कि, मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु 25 सदस्यों वाली भाजपा तथा 15 सदस्य वाली युवा स्वाभिमान पार्टी ने पहले दिन से युति करने को लेकर अपने पत्ते खोल दिए थे. साथ ही भाजपा ने अजीत पवार गुट वाली राकांपा के 11 एवं शिंदे गुट वाली शिवसेना के 3 पार्षदों के लिए भी युति में शामिल होने का रास्ता खुला रखा था. परंतु विधायक रवि राणा के साथ चल रही अपनी अदावत के चलते विधायक खोडके ऐसे किसी गठबंधन में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे, जिसमें युवा स्वाभिमान पार्टी भी शामिल हो. लेकिन इसी बीच राकांपा नेता व डेप्युटी सीएम अजीत पवार का आकस्मिक निधन हो जाने के चलते राज्य के साथ-साथ अमरावती में भी राकांपा के लिए राजनीतिक स्थितियां बडी तेजी के साथ बदल गई और स्थानीय स्तर पर राकांपा का नेतृत्व कर रहे विधायक संजय खोडके को अपनी रणनीति पर दुबारा विचार करने पर मजबूर होना पडा. जिसके तहत उन्होंने भाजपा के साथ मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु युति में शामिल होने का निर्णय लिया. परंतु युति में शामिल होने के बाद भी भाजपा ने अपनी कंडीशन अप्लाय वाली भूमिका को यथावत कायम रखा है. जिसके तहत युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए अब भी सुरक्षित अंतर बनाकर आगे बढा जा रहा है. हालांकि युति में शामिल रहकर भी युति का हिस्सा रहनेवाले किसी घटक दल से दूरी बनाए रखने से संबंधित विधायक खोडके का तर्क समझ से परे है.
यहां इस बात पर भी ध्यान दिया जा सकता है कि, मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु भाजपा के साथ युति में शामिल होने का निर्णय लेने के बाद विधायक खोडके दंपति द्वारा स्पष्ट रुप से कहा गया कि, वे महापौर पद के चुनाव में भाजपा की ओर से प्रत्याशी बनाए गए पार्षद की दावेदारी का समर्थन करेंगे. लेकिन जैसे ही युति के तहत युवा स्वाभिमान पार्टी के हिस्से में छोडे गए उपमहापौर पद के चुनाव को लेकर सवाल पूछा गया, तो विशेष रुप से विधायक संजय खोडके का कहना रहा कि, वे इस बारे में आज या कल के दौरान अपने पार्टी के पार्षदों से चर्चा करेंगे. जिसके उपरांत उनकी इस बारे सीएम फडणवीस के साथ बातचीत होंगी. जिसके बाद ही वे इस बारे में कोई अंतिम निर्णय लेंगे. इससे यह स्पष्ट है कि, अब तक भाजपा व वायएसपी के साथ युति में शामिल होने अथवा नहीं होने को लेकर ‘पक्षश्रेष्ठी’ शब्द की आड ले रहे विधायक संजय खोडके द्वारा अब युति में शामिल होने का निर्णय लेने के बाद वायएसपी को लेकर कोई स्पष्ट भूमिका घोषित करने की बजाए गोल-मोल जवाब देने हेतु अपने पार्षदों के साथ होनेवाली संभावित चर्चा की आड ली जा रही है. जबकि यह तथ्य भी किसी से छिपा नहीं है कि, युति का घटक दल होने के नाते विधायक खोडके के नेतृत्व वाली राकांपा को युति का नेतृत्व कर रही भाजपा की ओर से मिलनेवाले दिशा-निर्देशों का पालन लगभग करना ही होगा. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि, आनेवाले दिनों में विधायक खोडके द्वारा युति में अपने साथ शामिल युवा स्वाभिमान पार्टी को लेकर कौनसी भूमिका अपनाई जाती है.





