केवायसी दुरूस्ती के लिए लाडली बहनों को 31 तक समय
तकनीकी गलतियों के कारण महिलाओं की किश्त अब दुरूस्ती के बाद होगी शुरू

अमरावती/दि.24 – लाडली बहन योजना के तहत ई-केवायसी करते समय गलत पर्याय चयनीत करने से लाभ मिलना बंद हुए अथवा आवेदन प्रलंबित रहेें महिलाओं को राहत मिली हैं. ऐसी महिलाओं को अब दुरूस्ती करने के लिए 31 मार्च तक अंतिम अवसर दिया गया हैं. संबंधित लाभ फिर से शुरू करने के लिए यह दुरूस्ती करना आवश्यक रहने की बात प्रशासन ने स्पष्ट की हैं.
मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के तहत बडी संख्या में आवेदकों ने ई-केवायसी पूर्ण की रही तो भी कुछ महिलाओं द्बारा जानकारी गलत भरे जाने से अथवा मानक बाबत गडबडी होने से उनके आवेदन अटक गए हैं. इस कारण शासन के महिला व बाल विकास विभाग ने अब यह गलती दुरूस्त करने के लिए फिर से एक अवसर दिया हैं. इसके लिए पोर्टल शुरू किया गया हैं. 31 मार्च तक अंतिम अवधि दी गई हैं. लाडली बहन योजना के तहत ई-केवायसी करते समय गलत पर्याय नियुक्त करने से लाभ मिलना बंद हुए अथवा आवेदन प्रलंबित रहे महिलाओं को राहत मिली हैं.
* जिले की अनेक बहनों को राहत
जिले की हजारों महिलाओं की किश्ते तकनीकी कारणों से मिलना बंद हो गया था. इस कारण शासन द्बारा नई समयावधि के कारण इन महिलाओं को बकाया किश्तों समेत आगे का लाभ मिलने की आशा निर्माण हो गई हैं. प्रशासन की तरफ से पात्र महिलाओं को इस प्रक्रिया में शामिल होने का आवाहन जिला महिला व बालकल्याण विभाग के अधिकारियों ने किया हैं.
* किन लाभार्थियों को ई-केवायसी का अवसर?
महिलाओं का आवेदन मंजूर होने के बाद भी खाते में पैसे जमा नहीं हुए. जिनके आवेदन में बैंक की जानकारी की त्रुटी हैं अथवा जिन्होंने अब तक आधारण प्रमाणिकरण नहीं किया है, ऐसी महिलाओं को यह दुरूस्ती करते आ सकेंगी.
* इन गलियों के कारण बंद हुआ था लाभ
अनेकों ने ई- केवायसी करते समय नहीं बजाय हां ऐसा गलत पर्याय नियुक्त किया था. साथ ही आधार कार्ड और बैंक खाते के नाम की तफावत, बैंक खाते डीबीटी के लिए सक्रिय न रहने जैसे तकनीकी त्रुटी के कारण लाभ मिलना बंद हुआ था.
* ई- केवायसी करते समय इन बातों का रखे ध्यान
महिलाओं द्बारा ई-केवायसी करते समय खुद का अचुक आधार नंबर दे और मोबाईल पर आया ओटीपी किसी को शेअर न करें. साथ ही बैंक खाता आधार से लिंक रहने की जानकारी बैंक में जाकर करना आवश्यक हैं.
* किस कारण किश्त बंद, कहां पता चलेगा?
लाभार्थी महिलाओं को उनके आवेदन की स्थिति प्रत्येक तहसील के पंचायत समिति के बाल विकास प्रकल्प कार्यालय में जाकर देखते आ सकेगी. साथ ही अंगणवाडी सेविका के पास जाकर अपनी किश्त क्यों रूकी हैं, इस बाबत जानकारी लेते आ सकेगी.
* ऐसे कम होती गई लाभार्थियों की संख्या
दूसरी तरफ मानक में विफल होने से अपात्र महिलाओं की संख्या भी बढी हैं. शुरूआत में पंजीकृत महिलाओं की संख्या अधिक थी. लेकिन कडी जांच और ई-केवायसी में गलती के कारण लाभार्थियों का आंकडा काफी कम हुआ हैं.
* तकनीकी गलतियों का असर
योजना के शुरूआत के चरण में गडबडी में आवेदन भरते समय अथवा ई-केवायसी करते समय अनेक महिलाओं ने गलत पर्याय चयनीत किया था. विशेष रूप से बैंक खाते आधार से लिंक न रहना अथवा जानकारी गलत भरे जाने के कारण लाखों महिलाओं की किश्ते रूक गई थी. अब इन महिलाओं को जानकारी अपडेट करने का अंतिम अवसर दिया गया हैं.
* ई- केवायसी का मौका
जीन लाभार्थियों के आवेदन तकनीकी कारणों से प्रलंबित है अथवा जिनका लाभ बंद हुआ हैं, उन्हें ई-केवायसी पूर्ण करने के लिए 21 मार्च 2026 अंतिम तिथि हैं. उसके बाद कोई भी समयावधि नहीं मिलेगी. इस कारण महिलाओं को तत्काल यह प्रक्रिया पूर्ण करना आवश्यक हैं. इसके अलावा लाभ नहीं मिलेगा.