अज्ञात वाहन की टक्कर में तेंदूए की मौत
रेस्क्यू दल देरी से पहुंचा

* राष्ट्रीय महामार्ग की घटना
तिवसा /दि.11- अमरावती से नागपुर राष्ट्रीय महामार्ग के तिवसा के पास अज्ञान वाहन की टक्कर में गंभीर रुप से घायल तेंदूए की मृत्यु हो गई. यह दुर्घटना गुरुवार 9 अप्रैल को सुबह 7 बजे के दौरान घटित हुई.
घटना की जानकारी मिलते ही तिवसा वनविभाग समेत पुलिस का दल घटनास्थल पहुंच गया. तिवसा शहर से कुछ दूरी पर यह घटना घटित होने से तेंदूए को देखने के लिए नागरिकों की महामार्ग पर भारी भीड जमा हो गई थी. जख्मी तेंदूआ जीवित अवस्था में पाये जाने से तिवसा वनविभाग के वनपाल एस. घोडमारे ने मोर्शी-तिवसा आरएफओ अमोल चौधरी को जानकारी दी. इस मौके पर अमरावती से रेस्क्यू दल बुलाया गया. तीन घंटे के बाद वनपाल अमोल गावनेर, महेश धंदर, डॉ. सावंत देशमुख, एम. डी. गवई, ममता डायरे ने तेंदूए का रेस्क्यू किया. तिवसा पशु वैद्यकीय अधिकारी डॉ. परिक्षित कातखेडे ने सर्प मित्र अविनाश पांडे, शुभम विघे, प्रवीण ढोबाले, अक्षय माहोरे की सहायता से उपचार किया. जख्मी तेंदूए को आगे के उपचार के लिए नागपुर के गोरेवाडा झू केंद्र रेफर किया गया. लेकिन बीच रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई.
* तीन घंटे तक तेंदूआ पडा रहा
सुबह 8 बजे के दौरान तेंदूआ जख्मी अवस्था में पडा रहने की जानकारी कुछ किसानों ने तिवसा वनविभाग को दी. इस अवसर पर तत्काल अमरावती के दल को बुलाया गया. लेकिन इस दल को पहुंचने में तीन घंटे लगने से तेंदूआ घटनास्थल पर तडपता हुआ पडा था.
* बच सकती थी तेंदूए की जान
यह घटना सुबह 8 बजे उजागर हुई. लेकिन रेस्क्यू दल तीन घंटे देरी से घटनास्थल पहुंचा. जख्मी तेंदूए को समय पर उपचार मिला होता तो उसकी जान बच सकती थी. वनविभाग की लापरवाही के कारण ही तेंदूए की मृत्यु हुई.
– अविनाश पांडे,
वन्यजीव प्रेमी तिवसा.
* समय पर मिला उपचार
जानकारी मिलते ही वनविभाग का दल तत्काल घटनास्थल पहुंच गया. जख्मी तेंदूए को सुरक्षित कब्जे में लेकर उस पर उपचार शुरु किया गया. उसके पैर व जबडे को चोटे आने से उपचार के लिए उसे नागपुर भेजा गया. लेकिन एक घंटे बाद बीच रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई. मृत तेंदूए का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया.
– अमोल चौधरी, आरएफओ.





