मंगलधाम और महादेवखोरी परिसर में तेंदुए का आतंक

नागरिकों में दहशत, शाम होते ही लोग दुबक जाते है घरों में

* अब तक अनेक सूअर और कुत्तों का किया शिकार
* शिकायतों के बावजूद वन विभाग की कोई कार्रवाई नहीं
* क्षेत्र की नगरसेविका ममता आवारे हुई आक्रामक
अमरावती/दि.5- मनपा क्षेत्र के वडाली-एसआरपीएफ प्रभाग नंबर 9 अंतर्गत आनेवाले मंगलधाम- महादेवखोरी समेत आसपास की बस्तियोंं में पिछले दो साल से तेंदुओं ने आतंक मचा रखा हैं. इन तेंदुओ ने अनगिनत सूअर और आवारा कुत्तों समेत बकरियों का शिकार किया हैं. अब यह तेंदुएं लोगाेंं के घरों तक आकर पालतू कुत्तों का शिकार करने लगे हैं. तेंदुओ के इस आतंक से क्षेत्र के नागरिकों में काफी दहशत व्याप्त हैं. शाम ढलते ही लोग अपने घरों में घुसकर बैठ जाते हैं. इन तेंदुओं का बंदोबस्त करने की मांग को लेकर क्षेत्र की एनसीपी (अजीत पवार) पार्षद ममता आवारे ने वन विभाग के पास अनेक बार शिकायते की हैं. इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारियों द्बारा कोई कार्रवाई नहीं गई हैं. इस कारण अब नगरसेविका ममता आवारे ने आक्रामक होते हुए तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी हैं.
अमरावती मनपा क्षेत्र में आनेवाले वडाली-एसआरपीएफ कैम्प प्रभाग नंबर 9 में आनेवाले मंगलधाम-महादेवखोरी, गजानन नगर, निलकंठ ले-आउट, गणेशा हिल्स समेत परिसर के अनेक कॉलोनियों में पिछले 3-4 साल से तेंदुए का आतंक हैं. लेकिन पिछले दो साल से तेंदुए ने कहर मचा रखा है. सूअर और आवारा कुत्तो के इस तेंदुए ने अनगिनत शिकार किए हैं. अब परिसर में सूअर और आवारा कुत्तो का सफाया होने के बाद तेंदुए ने बस्तियों में आकर लोगों केे घरों तक घूसना शुरू कर दिया हैं. जिससे क्षेत्र के नागरिकों में काफी दहशत व्याप्त है. इन तेंदुओं ने पालतू कुत्तों और बकरियों को निशाना बनाना शुरू किया हैं. मध्यरात्रि को तेंदुआ दबे पाव बस्तियों में आकर लोगों के मकानाेंं की छत तक पहुंचने लगा हैं. बाहर बंधे पालतू कुत्तों को वह उठाकर भागने लगा हैं. जिससे नागरिक चिंतित हो गए हैं. क्षेत्र की राकांपा (अजीत पवार गट) की नवनिर्वाचित नगरसेविका ममता आवारे ने नागरिकों में निर्माण होती दहशत को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों के पास अनेक बार शिकायते की. लेकिन ममता आवारे के मुताबिक शिकायत करने के बाद अधिकारी केवल वन विभाग की गाडी भेज देते है. कुछ देर रुकने के बाद वापस चले जाते हैं. तेंदुए के बढते आतंक को देखते हुए वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की हर दिन रात को नियमित गश्त होना आवश्यक है. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा हैं. इस कारण ममता आवारे ने अब वन विभाग द्बारा कडे कदम और उपाययोजना न किए जाने पर वन विभाग के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी हैं.
* छोटे बच्चो का लगा रहता है डर
नगरसेविका ममता आवारे ने अमरावती मंडल को बताया कि मंगलधाम- महादेवखोरी, गजानन नगर, निलकंठ ले-आउट और गणेशा हिल्स में तेंदुए के आतंक के कारण नागरिक दहशत में हैं. इन बस्तियों में अनेक गरिब परिवार रहते हैं. उनके मकान के सामने कंपाउंड नहीं हैं. इस कारण रात के समय तेंदुआ सिधा घर के दरवाजे तक पहुंच जाता है. अनेकबार तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ हैं. लोगों के छोटे बच्चे घर के सामने खेलते रहते है. इस कारण नागरिकों को बच्चो की सुरक्षा का डर सताए रहता है. लेकिन वन विभाग के अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं.
* दरवाजे बंद कर महिलाएं करती है अपने पति का इंतजार
नगरसेविका ममता आवारे ने यह भी बताया कि शाम 7 बजे के बाद हर घर की महिलाएं अपने बच्चों को घर में लेकर दरवाजा बंद कर देती हैं. लेकिन परिसर में अनेक नागरिक बाहर नौकरी पर गए रहते हैं और कुछ गरीब हाथगाडी पर छोटा-मोटा व्यवसाय कर रात को घर लौटते हैं. इन नागरिकों की महिलाओं को हर दिन डर लगा रहता हैं. वह घर के दरवाजे बंद कर खिडकी से अपने पति अथवा बेटे के आने का इंतजार करते रहती हैं.
* 5 से 6 तेंदुए है परिसर में
ममता आवारे के मुताबिक महादेवखोरी से छत्री तालाब तक पूरा जंगल इलाका हैं और यहां पर 5 से 6 तेंदुए लगातार संचार करते रहते हैं. इन तेंदुए के शावक भी साथ में रहते हैं. पिछले दो साल से इन सभी तेंदुओं का आतंक रहने से आम नागरिकों में अब चिंता बढने लगी हैं. नागरिकों की सुरक्षा जरूरी हैं. इस कारण वन विभाग द्बारा क्षेत्र में पेट्रोलिंग और गश्त करने के साथ तेंदुओं का गश्त करना भी आवश्यक हो गया हैं.
* हर दिन देखे जा रहे हैं तेंदुए
नगरसेविका ममता आवारे ने बताया कि तेंदुए के डर के कारण नागरिकों ने सुरक्षा की दृष्टि से अपने घरों के सामने सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं. ग्रीष्मकाल में लोग घर के बाहर अथवा छत पर सोते हैं, लेकिन तेंदुए के आतंक के कारण भयभीत नागरिकों ने रात के समय घर के प्रांगण में सोना तो दूर कुर्सी लगाकर बैठना भी बंद कर दिया है.
*कुत्ते का शिकार कर भागा तेंदुआ
गजानन नगर परिसर में तेंदुआ रात के समय एक मकान की तरफ भागता हुआ आया. वहां सिढियों के नीचे छिपे कुत्ते की तरफ वह झपटा. लेकिन कुत्ते के भौकने पर वह भाग गया. लेकिन कुछ देर बाद वह वापीस लौटा और एक कुत्ते के बच्चों को गंभीर रूप से घायल कर और दूसरे को उठाकर भाग गया. इसी मकान में यह तेंदूआ पिछले तीन दिनो से आकर कुत्तों का शिकार कर रहा है.

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