रतन इंडिया कंपनी में तेंदुए का आतंक
8 माह से संचार, वन विभाग को हमले की प्रतीक्षा ?

अमरावती/ दि. 27 – शहर से सटकर स्थित रतन इंडिया पॉवर लिमिटेड कंपनी के प्रकल्प परिसर में पिछले 8 माह से तेंदुए का मुक्त संचार हैं. तेंदुए के बार- बार दर्शन होने के बावजूद वन विभाग की तरफ से आवश्यक कदम न उठाए जाने के कारण कर्मचारी और आसपास के नागरिकों में दहशत निर्माण हो गई है. इस तेंदुए द्बारा पिछले 8 माह में परिसर के कुत्ते और सूअरों का शिकार किया रहने से कंपनी परिसर के आसपास अब कुत्ते और सूयर दिखाई नहीं दे रहे हैं.
नांदगांव परिसर में रतन इंडिया पॉवर लिमिटेड कंपनी का परिसर 500 हेक्टयेर से अधिक है. ज्यादा से ज्यादा परिसर में काफी झाडियां हो गई है. पिछले 8 माह से इस परिसर में तेंदुए का संचार रहने की जानकारी कंपनी को हैं. कंपनी परिसर तथा पास की झाडियों में तेंदुआ घूमता हुआ अनेको द्बारा देखे जाने का दावा किया गया है. कई बार सीसीटीवी कैमरे में भी उसकी गतिविधियां कैद हुई है. इस निमित्त कंपनी ने वन विभाग को इस बाबत बार- बार जानकारी दी. वन विभाग की तरफ से केवल निरीक्षण और औपचारिक पंचनामा के अलावा कोई भी उपाय योजना न किए जाने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
यह परिसर औद्योगिक वसाहत सहित कामगारों के चहल पहल वाला है. तीन शिफ्ट में काम करनेवाले कर्मचारी देर रात तक आवागमन करते हैं. ऐसी परिस्थिति में तेंदुए क संचार काफी खतरनाक साबित हो सकता है. कोई अनहोनी होने के बाद प्रशासन की नींंद खुलेगी क्या ? ऐसा सवाल उपस्थित किया जा रहा हैै. स्थानीय नागरिकों के मुताबिक पिछले कुछ माह में परिसर में मवेशियों की घटना घटित हुई है. यह हमला तेंदुए द्बारा ही किए जाने का संदेह था. लेकिन अधिकृत तौर पर उसकी पुष्टि नहीं हो पायी थी. पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकडने के लिए प्रयास किए जाने पर सफलता नहीं मिली. कंपनी प्रशासन द्बारा कर्मचारियों को सतर्क रहने की सूचना दी गई है. फिर भी दहशत का वातावरण है. प्रशासन द्बारा समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गये तो संभावित दुर्घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा, ऐसा सवाल आम नागरिकों के सामने हैं.
कर्मचारियों को रात के समय दो बार दिखा तेंदुआ
परिसर में तेंदुए को अब तक शिकार मिल रहे थे. लेकिन अब शिकार न मिलने से उसका संचार नागरी बस्ती में होने लगा है. नाइट शिफ्ट में काम करनेवाले कर्मचारियों को भी दो दफा तेंदुआ दिखाई दिया. जबकि गुरूवार को यह तेंदुआ कैमरे में कैद हुआ. कंपनी की सुरक्षा विभाग ने इस बाबत वन विभाग को जानकारी दीे.
जल्द रेस्क्यु किया जायेगा
दो दिन पूर्व की कंपनी में तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है. इस बाबत सभी जानकारी सबूतों के साथ अमरावती वन विभाग को दी गई है. तेंदुआ यह शेडयूल प्राणी रहने से बस्ती में आया नहीं था. इस कारण उसे पकडने पिंजरा लगाया गया. लेकिन अब वह कंपनी की नागरी बस्ती में आता रहने से ट्रैग्युलकर गन की अनुमति दिए जाने का प्रस्ताव अमराती और नागपुर विभाग को भेजा गया है. दो तीन दिनों में अनुमति मिलेगी.् उसके बाद तत्काल रेस्क्यु ऑपरेशन किया जायेगा.
– चौधरी आरएफओ मोर्शी





