सबक: निजी प्री- प्राइमरी स्कूलों के लिए अलग कानून जल्द
नर्सरी के केजी तक के स्कूलों का पंजीकरण होगा अनिवार्य

मुंबई / दि. 10 – राज्य में चल रहे निजी प्री- प्राइमरी स्कूलों पर नियंत्रण रखने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक अलग कानून लाएगी. नर्सरी, जुनियर केजी और सीनियर केजी- चलाने वाले सभी निजी स्कूलों को अब सरकार के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. राज्य में लगभग एक लाख निजी प्री- प्राइमरी स्कूल चल रहे हैं. लेकिन शिक्षा विभाग की अपील के बावजूद अब तक सिर्फ 12,500 स्कूलों ने ही पंजीकरण कराया है. यानी बडी संख्या में स्कूल अब भी सरकार के नियमों के दायरे में नहीं ह््ैं बदलापुर में एक प्री- प्राइमरी स्कूल की छात्रा के साथ स्कूल वैन चालक द्बारा की गई बदसलूकी की घटना के बाद यह मुद्दा गंभीर हो गया था. इसके बाद स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री पंकज भोयर ने प्री- प्राइमरी स्कूलों के लिए अलग कानून बनाने की घोषणा की थी.
सभी प्री- प्राइमरी स्कूलों को सरकार के नियंत्रण में लाने के लिए कानून बनाने का काम जारी है. नया कानून लागू होने के बाद निजी प्री- प्राइमरी शिक्षा क्षेत्र में अनुशासन, पारदर्शिता और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा.
– तुषार महाजन, उपसचिव स्कूली शिक्षा विभाग
* बुनियादी सुविधा शिक्षक, पाठयक्रम, सुरक्षा प बनेंगे नियम
फिलहाल निजी प्री- प्राइमरी स्कूल सीधे तौर पर स्कूली शिक्षा विभाग के नियंत्रण में नहीं है. इसलिए फीस तय करने, शिक्षकों की योग्यता, स्कूल की सुविधाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई एक समान नियम नहीं है. इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार ने एक अध्ययन समिति बनाई है, जिसने कानून का मसौदा तैयार किया है. नये कानून के तहत स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं, सीसीटीवी, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों और शिक्षकों की नियुक्ति तथा पाठ्यक्रम को लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे. साथ ही पंजीकृत प्री- प्राइमरी स्कूलों की जानकारी सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अभिभावकों को सही और अधिकारिक जानकारी मिल सके.





