भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक- अजय संचेती
वर्धमान नगर चौक पर भक्ति संध्या का भव्य आयोजन

* अतुल कोटेचा मित्र परिवार द्वारा आयोजित
नागपुर /दि.30 – भगवान महावीर स्वामी की शिक्षाओं में जहां अहिंसा व शुद्ध शाकाहार को अपनाने की बात कही गई है, वहीं जियो और जीने दो का सिद्धांत आज के समय में काफी महत्वपूर्ण है. विश्व वंदनीय भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलकर हम अपना जीवन धन्य कर सकते हैं. जीवन की हर श्वास व भक्तों के विश्वास में वे छाये हैं. उनके बताए मार्ग पर चलकर हम अपना जीवन धन्य कर सकते हैं. आज भी उनके बताए संदेश प्रासंगिक है. यह विचार पूर्व सांसद अजय संचेती ने अतुल कोटेचा मित्र परिवार व वर्धमान नगर जैन समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहीं. श्री संचेती ने कहा की आप भी प्रेम व प्यार से जिएं और अन्य लोग भी जिएं, यही सिद्धांत तो श्री महावीर स्वामी का है.
इस अवसर पर प्रमुखता से विधायक विकास ठाकरे, कृष्णा खोपड़े, महानगर पालिका सत्तारूढ़ पक्षनेता नगरसेवक बाल्या बोरकर, नगरसेविका आभा पांडे, संतोष लड्ढा, बालू लारोकर, युवा नेता सलील देशमुख, पूर्व नगरसेविका चेतना टांक, जैन समाज के प्रमुख दिलीप रांका, अरविंद कोटेचा, वर्धमान बैंक के अध्यश अनिल पारख, संतोष पेंढ़ारी, सुरेश ओस्तवाल, गोल्ड ब्रिक्स के संचालक प्रतीक सरावगी, सावन भटेवरा, जीतो के सचिव राजन ढड्ढा, और धर्म प्रेमी जनता की उपस्थिति रही.
प्रस्तावना कार्यक्रम के मुख्य संयोजक अतुल कोटेचा ने रखी. अथितियों का स्वागत रिंकू जैन, राजू वारज़ूरकर, प्रमोद मोहाडीकर, लाला लूणावत, मनोज कटारिया, मोती जैन, सारंग ढोक, दुर्गेश प्रधान, शुभम् ढड्ढा, अनुज भरूट, ने किया. इस अवसर पर सुप्रसिद्ध जसगायक मेहुल रूपडा ने भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर आधारित भजन प्रस्तुत कर लोगों को आनंदित किया. कार्यक्रम में आमदार कृष्णा खोपड़े व विकास ठाकरे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन, सम्यक आचरण और तप से यह आवरण हटाया जा सकता है. जैन धर्म प्राणी हिंसा व उसे भक्ष्य करने में जरा विश्वास नहीं रखता बल्कि सभी प्राणियों की रक्षा व उसे जीवनदान देने का हिमायती है. प्रभु महावीर की शिक्षाओं को न केवल अपनाएं बल्कि जन-जन में उसका प्रचार भी करें. इस अवसर पर युवाओ ने मेहुल रूपडा के भजनों में शामिल होकर खूब मस्ती में झूमे.
सर्वश्री नरेश भरूट, हस्तीमल कटारिया, पीयूष भाई शाह, गिरीश मूंदड़ा, विनोद इंगोले, संजय पुगलिया, नागेश आसानी, कमल भंडारी, विनोद बेताला, विपुल भाई शाह,जगदीश जोशी, महेंद्र कुमार कटारिया, श्रवण मालू, पवन पोद्दार, अरविंद राखे, प्रशांत धवड़, अमृत ढेडलिया, दाऊद भाई शेख, अशोक बंब, अशोक भरुट, विजय बांठिया, प्रदीप रांका, अनिल जैन, महेश श्रीवास, गोपाल पट्टम, शैलेंद्र लश्करे, रमेश उदापुरे, सुरेश कोटेचा, हर्षित भंसाली, संतोष गेलड़ा, मोंटू श्रीश्रीमाल, पवन खाबिया, संजय जैन, नरेंद्र कासवा, मितेश कटारिया, दिलीप बेताला, कुशल कोटेचा, बंटी कोठारी, अभय बदानी, विशाल जैन, मंगल कोटेचा, निलेश भूपतानी, हरीश भूतड़ा, रमेश बोथरा, दीपक लूणावत, सुनील सिफानि, सुरेश बाफना, मोहन चौरडीया, बबलू जवेरी, सुरु कोठारी, नंदू भाई बैद, दीपक नाहटा, मितेश कोठारी, अशोक बडोला, सचिन सोनी, राजू नाहटा, निलेश कोटेचा, आशीष वारज़ूरकर, हरीश कुंडले, सहित बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही.





