
अकोला/दि. 2– कबाड हो चुकी सामग्री बेचकर रेलवे ने 112 करोड 93 लाख रूपए प्राप्त किए हैं. भुसावल मंडल द्बारा यह जानकारी दी गई है. 112 वैगन और 27 इंजिन कबाड में बेचे जाने की बात रेलवे ने कबूल की है. यह भी बताया गया कि भुसावल डिवीजन की डीआरएम इति पांडे के मार्गदार्शन में डिवीजन ने 85 करोड के लक्ष्य से 32 करोड अधिक प्राप्त किए. पिछले वर्ष भुसावल मंडल को कबाड से 110 करोड मिले थे.
जीरो स्क्रैप मिशन को सफल बनाते हुए भुसावल मंडल ने सभी डिपो को स्क्रैप मुक्त करने का प्रयत्न किया. सभी कारखाने और शेड्स का एकत्रित प्रयत्नों से मिशन सफल रहने की जानकारी मध्य रेलवे ने दी और बताया कि भुसावल मंडल की कार्यकुशलता, समर्पण और टीम वर्क अनूठा उदाहरण बना है. भारतीय रेलवे संचालन को अधिक कार्यक्षम और पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद करने की बात मध्य रेलवे प्रशासन ने कहीं है.
भुसावल मंडल ने पी- वे स्क्रैप में दिए गये लक्ष्य से अधिक कबाड रफा दफा किया. जिसमें 16936 मैट्रिेक टन कबाड बेचा गया. इसमें 4246 मैट्रिक टन फेरस मेटल रहा. नॉन फेरस मेटल 77378 मैट्रिक टन रहा. 27 इलेक्ट्रिक लोको को कबाड में बेचा गया.