वर्धा नदी के किनारे प्राचीन मंदिर में 411 क्विंटल की घंटी
धामंत्री के नागेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भीड
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अमरावती/ दि. 26– वशिष्ट की (वर्धा नदी) के किनारे तिवसा तहसील के धामंत्री में 17 वे शतक में राजा हेमाद्री द्बारा निर्मित नागेश्वर मंदिर है. यहां पर महाशिवरात्रि को बडी यात्रा भरती है. ुइस मंदिर में पंजाबराव आनंदराव ढेपे ने दी 411 किलो वजन अष्ठधातु की घंटा है. इस घंटे का निनाद 10 किमी दूरी सुनाई देता है. त्रेता युग का यह प्राचीन मंदिर होने के यहा सबूत मिलते है. सावन महीने मेंं भक्त यहां बडी श्रध्दा से आते है. यहा महाशिवरात्रि पर्व में रोज विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है. शिव महापुराण कथा की शुरूआत से ही रूद्राभिषेक तथा विशेष अभिषेक पूजा निरंतरता से पूरे महाशिवरात्रि महोत्सव में बडे प्रमाण में की जाती है. महाशिवरात्रि में संस्था द्बारा बडा उत्सव आयोजित किया जाता है.
17 वा शतक इस मंदिर का जीर्णोद्बार राजा हेमांद्री ने हेमाडपंथी शैली में मंदिर विकसित करने का कहा जाता है.
भगवत गीता में उल्लेख
महाभारत के समय का यह मंदिर होने का इस मंदिर का उल्लेख भगवतगीता में धमंत्री होने का दिखाई देता है. ऋषि वशिष्ट यहां तपस्या करते थे. वशिष्ट पुराण में भी इस मंदिर का उल्लेख होने के सबूत मिलते है.
* तिवसा, आर्वी, डेपो से धामंत्री के लिए बससेवा
धामंत्री में नागेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए महाशिवरात्रि के अवसर पर बडी संख्या में भक्तों की भीड होगी. जिसके कारण वर्धा जिल ेके आर्वी तथा तिवसा डेपो से धामंत्री में दर्शन के लिए आनेवाले भक्तों के लिए बस छोडी गई है. ऐसी जानकारी संस्थान के अध्यक्ष ने दी.