पालने की रस्सी से युवक ने लगाई फांसी
पत्नी द्वारा बेटे से बातचीत नहीं करने देने पर उठाया कदम

* यवतमाल जिले के घाटंजी शहर की घटना
यवतमाल /दि.4– घर संसार प्रेम, विश्वास और एक दूसरे के साथ पर चलता है. लेकिन कभी कभी इस नाजूक रिश्ते में निर्माण हुई दरार किसी व्यक्ति को इस कदर बेचैन कर देती है कि, वह मृत्यु ही अंतिम पर्याय समझ बैठता है. ऐसी ही एक घटना जिले के घाटंजी शहर में घटित हुई. मायके चली गई पत्नी अपने बेटे के साथ बातचीत नहीं करने दे रही थी. इस कारण हताश हुए पति ने अपने बेटे के पालने की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना घाटंजी शहर के गुरुदेव वार्ड नंबर 4 में घटित हुई. मृतक का नाम संदीप वसंता आडे (28) है. संदीप आडे यह परिवार का सहारा था. शादी के बाद उसे एक बेटा और एक बेटी थे. पतिपत्नी के बीच किसी कारण से अनबन होने लगी. इस विवाद के कारण पत्नी 15 दिन पूर्व बेटे सक्षम (7) और बेटी भार्गवी (3) को लेकर मायके जोगीनकवडा चली गई. पत्नी घर छोडकर जाने से संदीप निराश था. पत्नी मायके जाने के बाद संदीप से बातचीत नहीं कर रही थी. घर में परिवार के सभी सदस्य थे. लेकिन बच्चों का प्यार न मिलने से संदीप काफी बेचैन हो गया था. जब भी वह बच्चों से बात करने के लिए पत्नी से संपर्क करता था, तो वह बच्चों से उसे बात करने नहीं देती थी. यह बात संदीप ने अपने बडे भाई को भी बतायी. तब भाई ने उसे समझाकर कुछ प्रतिष्ठित लोगों को बैठाकर विवाद निपटाने और पत्नी और बच्चों को घर लाने का आश्वासन दिया था. लेकिन परिवारिक विवाद में बच्चों से बिछडे संदीप ने मंगलवार मध्यरात्रि को पालने की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सुबह संदीप की मां ने जब कमरे में नजर दौडई, तब संदीप को फांसी लगाए देख वह चिखने लगी. पालने की जिस रस्सी से संदीप कभी कभी अपने बच्चे को झूला देता था. उसी रस्सी से उसने फांसी लगा ली थी. घटना की जानकारी मिलते ही घाटंजी पुलिस घटनास्थल पहुंची. पंचनामा कर शव ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया गया. संदीप के पीछे मां, पत्नी, एक बेटा, एक बेटी, दो भाई, बहन का भरापूरा परिवार है. इस प्रकरण में मृतक संदीप के भाई इंदल आडे ने घाटंजी थाने में शिकायत दर्ज की है. पुलिस ने आकस्मिक घटना दर्ज कर जांच शुरु की है.