जन्म कुंडली के बहाने नहीं तोड सकते विवाह के लिए किया वादा
हाईकोर्ट का आरोपी को राहत देने से इनकार

मुंबई/दि.22 – जन्म कुंडली न मिलने का बहाना बताकर विवाह के वादे से नहीं मुकरा जा सकता है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को दुष्कर्म व धोखाधडी से जुडे मामले से एक आरोपी को आरोप मुक्त करने से इनकार करते हुए यह बात कही है. आरोपी ने हाईकोर्ट में दावा किया कि वह पीडिता से विवाह करना चाहता है लेकिन राशिफल अथवा जन्मकुंडली से जुडी ज्योतिष विसंगति के चलते वह शादी नहीं कर सकता है.
32 वर्षीय आरोपी अभिषेक मित्रा के खिलाफ महिला ने दुष्कर्म व धोखाधडी की शिकायत दर्ज कराई है. इस मामले से खुद को आरोपमुक्त किए जाने की मांग को लेकर आरोपी ने हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया था. जिसे न्यायमूर्ति एसके शिंदे ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है. सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पैरवी करनेवाले अधिवक्ता राजा ठाकरे ने कहा कि, आरोपी व शिकायतकर्ता की जन्मकुंडली न मिलने के चलते संबंधों को आगे नहीं बढाया जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि यह मामला शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का नहीं है. बल्कि यह प्रकरण सिर्फ वादाखिलाफी का है. क्योंकि मेरे मुवक्किल का शादी का इरादा है लेकिन जन्मकुंडली से जुडी विषमता के चलते वे विवाह करने में असमर्थ है. न्यायमूर्ति ने इस दलील पर असहमति व्यक्त करते हुए आरोपी के आवेदन को खारिज कर दिया.
गौरतलब है कि, एक पांच सितारा होटल में काम करनेवाले आरोपी व पीडिता साल 2012 से एक दूसरे को जानते थे. पीडिता ने शिकयत में दावा किया है कि, आरोपी ने उससे शादी का वादा करके कई बार संबंध बनाए है. पीडिता के मुताबिक इस बीच वह गर्भवती भी हुई लेकिन आरोपी ने उससे यह कहकर गर्भपात करा दिया कि दोनों अभी विवाह के लिए छोटे हैं. इस बीच आरोपी ने जब पीडिता को नजरअंदाज करना शुरु कर दिया तो पीडिता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जब आरोपी को बुला कर समझाया तो वह शादी के लिए राजी हो गया. लेकिन कुछ दिनों बाद वह फिर अपने वादे से मुकर गया. आरोप के इस रुख के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म व धोखाधडी का मामला दर्ज किया.