
पुणे/दि.8– इस समय राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान का स्तर कुछ उंचा उठा है. जिसके चलते फिलहाल सर्दी का असर कुछ कम हुआ है. किंतु अगले दो दिनों के भीतर पारा एक बार फिर लुढक सकता है और दुबारा कडाके की ठंड पड सकती है. ऐसी संभावना मौसम विज्ञानियों द्वारा जतायी जा रही है. वहीं इस समय विदर्भ सहित उत्तर महाराष्ट्र के कई इलाकों में ठंडी का असर कायम है.
बता दें कि, इस बार जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में शुरू हुई ठंडी का असर लगातार दस दिनों तक बना रहा. ऐसे में विगत पांच-छह वर्षों के दौरान पहली बार राज्यवासियों ने लंबे समय तक ठंडी का अनुभव किया. जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत सहित मध्यप्रदेश तक तीव्र शीतलहर थी. जिसके चलते राज्य के भी मराठवाडा, विदर्भ व उत्तर महाराष्ट्र में कडाके की सर्दी पडी और न्यूनतम तापमान के तेजी से नीचे लुढक जाने की वजह से जबर्दस्त ठिठुरन पैदा हुई. इस समय उत्तर प्रदेश व आसपास के क्षेत्रों में सौम्य शीतलहर है और वहां से कुछ प्रमाण में ठंडी हवाएं बह रही है. जिसके चलते विदर्भ के कई हिस्सों में अब भी ठंडी बनी हुई है. साथ ही साथ उत्तर महाराष्ट्र व शेष महाराष्ट्र में भी तापमान औसत के आसपास है. वहीं अब मौसम विज्ञानियों द्वारा अगले दो दिनों के दौरान एक बार फिर ठंड का असर बढने को लेकर अनुमान व्यक्त किया गया है. जिसमें कहा गया है कि, अगले दो से तीन दिनों के दौरान उत्तर भारत सहित मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ तक बदरिला मौसम बन सकता है तथा बारिश होने के साथ ही कुछ क्षेत्रोें में ओलावृष्टि भी हो सकती है. इसका विदर्भ क्षेत्र पर कुछ हद तक परिणाम पडेगा और यह स्थिति बीत जाने के बाद एक बार फिर ठंडी का असर बढेगा.
मौसम विभाग द्वारा जताये गये अनुमान के मुताबिक पश्चिम भारत में आगामी दो दिनों के दौरान तापमान में बडे पैमाने पर उतार-चढाव नहीं होंगे. किंतु इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है. इस दौरान उत्तर भारत में भी पारा लुढक सकता है. जिसके चलते महाराष्ट्र में भी तापमान घटकर एक बार फिर कडाके की ठंडी लौट सकती है.