राज्य उच्च शिक्षा व विकास आयोग की स्थापना
मुख्यमंत्री होंगे अध्यक्ष, राज्यपाल के अधिकारों पर रोक लाने की चर्चा!

मुंबई/दि.11 – उच्च शिक्षा के समन्वय, संनियत्रण रखने एवं मूल्यमापन करने के लिए राज्य उच्च शिक्षा व विकास आयोग की स्थापना किए जाने के साथ ही मुख्यमंत्री आयोग के अध्यक्ष होंगे. राज्यपाल यह सभी विद्यापीठों के कुलपती होते हैं. उनके अधिकार कम किए जाने के लिए तो यह आयोग नहीं न? ऐसी चर्चा भी इस निमित्त शुरु है.
उपमुख्यमंत्री आयोग के सदस्य तो उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उपाध्यक्ष होंगे. उच्च शिक्षा से संबंधित विविध खातों के मंत्री, विधान सभा एवं विधान परिषद के विरोधी पक्षनेता, विधानसभा अध्यक्ष ने नाम निर्देशित किए तीन विधानसभा सदस्य,विधान परिषद के सभापति न नामनिर्देशित किए तीन विधान परिषद सदस्य, कुलपति ने नामनिर्देशित किए दो ख्यातनाम उद्योगपति, विविध विद्यापीठों के कुलगुरु, विविध खातों के सचिव आदि आयोग के सदस्य होंगे.
राज्य उच्च शिक्षा व विकास आयोग यह उच्च शिक्षा के लिए राज्य सरकार का प्राधिकरण होगा. महाराष्ट्र सार्वजनिक विद्यापीठ अधिनियम में ही ऐसा आयोग स्थापित करने की सुविधा होने की बात उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के शासनादेश में कही गई है. तकनीकी शिक्षा, जैव विज्ञान, वैद्यकीय शिक्षा, व्यवस्थापन शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान सरीखी व भविष्य में निर्माण होंगे ऐसे शिक्षा क्षेत्रों सहित उच्च शिक्षा के लिए तज्ञ मंडल के रुप में यह आयोग काम करेगा. राज्य सरकार, सार्वजनिक व निजी विद्यापीठ, निजी कौशल्य शिक्षा संस्था व उद्योग में समन्वय निर्माण करने का काम भी आयोग करेगा.