आज से ‘मोठी देवी’ मां जगदंबा के दर्शन करने उमडेगी भाविको की भीड
कोजागिरी पोर्णिमा से शहर में 10 दिन तक शांति महोत्सव

* बरसो पुरानी परंपरा आज भी कायम
खामगांव/दि.16– आज से शहर में ‘मोठी देवी’ अर्थात मां जगदंबा के दर्शन करने उमडेगी भाविको की भीड. देशभर के मां जगदंबा के भक्तों को कोजागिरी पोर्णिमा का इंतजार रहता है. कोजागिरी पोर्णिमा के दिन शहर के मुख्य रास्ते पर जगदंबा चौक जलालपुरा यहां ‘मोठी देवी’ की सुबह विधि विधान के साथ स्थापना की जाती है. स्थापना के पश्चात 24 घंटे मां जगदंबा के दर्शन के लिए पंडाल खुला रहता है. मां जगदंबा के दर्शन के लिए देशभर से भाविक आते है. पहले ही दिन से यहां भाविकों की भीड रहती है. जिसकी वजह से पुलिस प्रशासन की ओर से बंदोबस्त लगाया जाता है.
कोजागिरी पूोर्णिमा से 10 दिनों तक शहर में शांति महोत्सव मनाया जाता है और अंतिम दिन बडे प्रमाण में महाप्रसाद का आयोजन किया जाता है. रोजाना हजारों की संख्या में भाविक यहां मां जगदंबा के दर्शन करने के लिए आते है. यहां की विशेषता यह है कि आरती के समय जो भी भाविक पंडाल में पहुंच जाता है. उसे आरती करने का सौभाग्य प्राप्त होता है. पारंपरिक टोपी पहनकर एक साथ 10 से 20 भाविक आरती की थाली हाथ में लिए आरती करते है. यह दृश्य देखने लायक होता है. एक साथ हजारों भाविक पंडाल में मां जगदंबा की आराधना करते हुए नजर आते है. भाविको द्बारा मांगी गई मन्नत यहां शत प्रतिशत पूर्ण होती है. जो भी भाविक सच्चे दिल से मनोकामना करता है. उसकी मनोकामना निश्चित ही मां जगदंबा पूर्ण करती है. शहर में यह परंपरा अनेक वर्षो से चली आ रही है. मां जगदंबा की विशाल मूर्ति का निर्माण जगह पर ही किया जाता है और 10 दिनों तक विधि विधान के साथ पूजा आराधना कर मां जगदंबा का विसर्जन किया जाता है.