38.71 करोड का अनुदान वाइन उद्योग को मंजुर
प्रोत्साहन योजना के तहत महायुति सरकार ने राशि प्रदान करने हेतु किया फैसला

मुंबई/दि.26- प्रदेश की महायुति सरकार ने वाइन उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत साल 2024-25 में नाशिक और सोलापुर के विभिन्न 8 निजी समूहों को 38 करोड 71 लाख 22 हजार 198 रुपये का अनुदान वितरित करने को मंजूरी दी है. इसमें नाशिक की सुला वाइनयार्ड्स, गुड ड्रॉप वाइन, वैलोन वाइनयार्ड्स समेत दूसरी कंपनियों का समावेश है. प्रदेश के उद्योग विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी किया है. इन वाइन उद्योग समूहों का साल 2018 से 2024 के बीच का अलग-अलग वर्षो का प्रोत्साहन अनुदान बकाया था. इसके मद्देनजर पुणे और सोलापुर के राज्य टैक्स सह आयुक्त ने वाइन उद्योगो को प्रोत्साहन राशि वापस देने का प्रस्ताव राज्य के उद्योग विभाग के पास भेजा था. जिसके बाद उद्योग विभाग के आग्रह पर अब राज्य के वित्त विभाग ने वाइन उद्योग प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 8 समूहों के 21 प्रलंबित दावे का निपटारा किया है. राज्य के नाशिक सहित दूसरे जिलों में अंगूर का उत्पादन होता है. सरकार ने वाइन उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए अंगूर प्रक्रिया उद्योग नीति घोषित की है. इस नीति का लक्ष्य अंगूर उत्पादक किसानों का नुकसान टालना है. इसके तहत अंगूर की फसल लगाने और सूखा मेवा बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है.
वाइन बिक्री को बढावा देने नीति लचीला बनाए सरकार
महाराष्ट्र में वाइन उद्योग लगभग एक हजार करोड रुपये का है. सरकार ने वैट रिफंड नीति के तहत वाइन समूहों को अनुदान मंजूर किया है. इस नीति के तहत सरकार से वाइन उत्पादकोें को सुविधाएं मिल रही है. लेकिन सरकार को वाइन की बिक्री में होने वाली अडचन को दूर करना चाहिए. वाइन बिक्री को बढावा देने के लिए नीतियों को लचीला बनाना चाहिए.
जगदीश होलकर, अध्यक्ष अखिल भारतीय वाइन उत्पादक संगठन