
मुंबई./दि. २४-केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे के मुंबई के जुहू स्थित बंगले पर वृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का मामला नहीं है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरूवार को यह बात कहते हुए राणे की याचिका खारिज कर दी.
इससे पहले बीएमसी ने बंगले के एक हिस्से में किए गये अनाधिकृत बदलावों का नियमित करने की मांग को लेकर राणे का आवेदन अस्वीकार कर दिया था. इस फैसले को राणे ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति आरडी धानुका व न्यायमूर्ति एसजी सिविलकर की खंडपीठ ने राणे की याचिका पर सुनवाई के बाद कहा, याचिकाकर्ता का बीएमसी द्वारा आवेदन को खारिज करने के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध होने का दावा पूरी तरह से तथ्यहीन है. हालांकि खंडपीठ ने अपने आदेश पर ६ सप्ताह तक की रोक लगाई है ताकि राणे इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सके. राणे ने बुधवार को बीएमसी के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी. इससे पहले बीएमसी ने अपने आदेश में साफ किया था कि राणे के बगले में जो अनाधिकृत बदलाव किया गया है. वह नियमों के विपरित है.