15 दिन में स्वायत्त संस्थाओं के चुनाव लेना असंभव
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने बताया सुको के फैसले का अर्थ

* ढाई-तीन माह बाद चुनाव होने की संभावना जताई
कोल्हापुर/दि.10– विगत दिनों सुप्रीम कोर्ट ने आगामी दो सप्ताह के भीतर स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया. ऐसे में आगामी 15 दिनों के भीतर राज्य में स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं के चुनाव होने की जोरदार चर्चा चल रही है. जिसके संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करते हुए राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि, महज पंद्रह दिनों के भीतर स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं के चुनाव करवाना असंभव है और वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने पंद्रह दिन के भीतर चुनाव करवाने के लिए नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को शुरू करने के लिए कहा है.
यहां पर एक पत्रवार्ता को संबोेधित करते समय राकांपा प्रमुख शरद पवार ने बताया कि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर लोगों को कुछ हद तक गलतफहमी हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले मेें साफ तौर पर कहा है कि, इससे पहले जिस चरण या स्तर पर निर्वाचन की प्रक्रिया को रोका गया, आगामी दो सप्ताह के भीतर उस चरण से प्रक्रिया को आगे बढाया जाये, चूंकि राज्य की अधिकांश स्वायत्त संस्थाओें में प्रारूप प्रभाग रचना को तैयार किये जाते समय ही निर्वाचन प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया था. ऐसे में अब इसी प्रक्रिया को आगे बढाया जायेगा. इसके पश्चात प्रारूप प्रभाग रचना को लेकर आपत्ति व आक्षेप बुलाते हुए उन पर सुनवाई करने और अंतिम प्रभाग रचना तय करने के लिए करीब एक-डेढ माह का समय लगता है. जिसके बाद मतदाता सूची के प्रकाशन और नामांकन की प्रक्रिया सहित मतदान व मतगणना की प्रक्रिया के लिए भी कम से कम एक-सवा माह की अवधि लगना तय है. ऐसे में राज्य के स्थानीय स्वायत्त निकायों में चुनाव करवाने के लिए कम से कम ढाई से तीन माह का समय लगना तय है.
इस समय पूछे गये एक सवाल के जवाब में राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि, आगामी चुनाव राकांपा द्वारा अकेले लडा जाये या महाविकास आघाडी में शामिल होकर लडा जाये, इसे लेकर पार्टी में अभी आम सहमति नहीं बन पायी है. ऐसे में वे बहुत जल्द इस बारे में पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए किसी अंतिम निर्णय तक पहुंचने का प्रयास करेंगे. इस समय उन्होंने यह भी कहा कि, महाविकास आघाडी में शामिल अन्य दो घटक दलों में आगामी चुनाव को लेकर क्या भूमिका अपनायी जा रही है, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.