महाराष्ट्र

विठोबा की पूजा हेतु म्हैसूर का चंदन

गर्मी बढ जाने के चलते रोजाना ठंडक हेतु लेप

पंढरपुर/दि.3– गर्मी के मौसम में पांडुरंग को ठंडक मिले इस हेतु पांडुरंग की मूर्ति पर चंदन का लेप लगाने की शुरुआत कर दी गई है. जिसके तहत चंदन-उटी की पूजा हेतु म्हैसूर से उच्च गुणवत्ता वाला चंदन विशेष रुप से मंगाया गया है. साथ ही माता रुक्मिणी को भी इसी पद्धति से चंदन उटी लगाने की शुरुआत की गई है.
भीषण गर्मी के मौसम दौरान भगवान श्री विठ्ठल को शितलता मिले इस हेतु प्रति वर्ष चैत्र पाडवा से मृग नक्षत्र की बारिश शुरु होने तक रोजाना दोपहर में चंदन-उटी पूजा की परंपरा है. जिसके अनुसार विगत गुढीपाडवा के पर्व से पंढरपुर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में इस विशेष पूजा का प्रारंभ किया गया है.

* चंदन में मिलाया जाता है केसर
भगवान श्री विठ्ठल की पोषाख के समय अब रोजाना यह विशेष पूजा की जाती है. जिसके तहत भगवान की मूर्ति पर अंगी डालने की बजाए चंदन का लेप लगाया जाता है. भगवान श्री विठ्ठल की तरह ही माता रुक्मिणी की मूर्ति पर भी इसी पद्धति से चंदन-उटी लगाने की शुरुआत की गई है.
– भागवान श्री विठ्ठल व माता रुक्मिणी की दैनिक चंदन-उटी पूजा हेतु डेढ किलो भिगे हुए चंदन की आवश्यकता पडती है. जिसमें केसर भी मिलाया जाता है.
– भगवान श्री विठ्ठल व माता रुक्मिणी की मूर्तियों पर रोजाना दोपहर में पोषाख के समय लगाए जानेवाले चंदन-उटी के लेप को अगले दिन काकडा आरती के समय निकाला जाता है और फिर दोपहर में पोशाख के समय नया लेप लगाया जाता है.

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