१२ फीसदी तक बढ़ सकती है कैंसर मरीजों की संख्या
(cancer) इंडियन कौन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और राष्ट्रीय व्याधि संशोधन केन्द्र का निष्कर्ष

हिं.स./दि.१९
मुंबई – कोरोना काल में कैंसर से पीडित मरीजों के वैद्यकीय उपचार में बाधा न आए इसके लिए विविध स्तर पर भरसक प्रयास किए गये है. बावजूद इसके अगले पांच वर्षो में अलग-अलग कानों से कैंसर के मरीजों में १२ फीसदी तक इजाफा होने की संभावना राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री की रिपोर्ट में जताई गई है. हाल ही में इंडियन कौन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और राष्ट्रीय व्याधि संशोधन केन्द्र की ओर से संयुक्त किए गये निष्कर्ष से सामने आया है. वर्ष २०२०में देश में १३.९ लाख कैंसर के मरीज है. इनमें वर्ष २०२५ तक १५.७ लाख मरीज जाने की संभावना जताई गई है. कैंसर मरीजों की जानकारी इकट्ठा करनेवाले २८ रजिस्ट्री के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर यह संभावना जताई गई है. देश के मान्यता प्राप्त ५८ अस्पतालों को इस संबंध में वैद्यकीय जानकारी दी गई है. यहां बता दे कि तंबाखू चबाने से कैंसर होने का प्रमाण देश में सर्वाधिक हैे. दिसंबर २०२० तक तंबाखू के सेवन से ३.७ लाख (२७.१ फीसदी) लोगों को कैंसर होगा. २ लाख महिलाओं में स्तन कैंसर (१४.८ फीसदी) तक होने की संभावना है.वही गर्भ कैंसर का प्रमाण ५.४० फीसदी जताया गया है. २.७ लाख लोगों में आंतिडयों का कैंसर होने की संभावना. उस्मानाबाद में पुरूषों में कैंसर का प्रमाण में प्रतिलक्ष ३९.५ फीसदी है. वहीं मिजोरम के एजॉल जिले में २६९.४४ फीसदी है. उस्मानाबाद में प्रतिलक्ष जनसंख्या में महिलाओं में कैंसर का प्रमाण ३९.४ फीसदी है.
तंबाखू से खतरा बरकरार
तंबाखू और तंबाखू से संबंधित उत्पादनों पर पाबंदी लगाई गई है. बावजूद इसके कैंसर के लिए तंबाखू यह महत्वपूर्ण घटक साबित हो रहा है. लंग्स, चेहरा, पेट का कैंसर होने का प्रमाण पुरूषों में अधिक है. वहीं महिलाओं मेंं स्तन व गर्भाशय के कैंसर का प्रमाण अधिक दिखाई दे रहा है. बीते कुछ वर्षो से महिलाओं में सिर और गर्दन के कैंसर का प्रमाण बढ़ने की भी जानकारी सामने आयी हैे.