
मुंबई/दि.28 – राज्य के सरकारी अथवा निजी अस्पतालों तथा सार्वजनिक इमारतों में शॉट सर्किट या फिर अन्य किसी कारण से आग लगी तो इन आगजनी की घटनाओं पर लगाम कसने हेतु प्रतिबंधात्मक उपाय योजना के तहत निर्देश जारी किए गए है. जिसमें शुक्रवार को ऊर्जा विभाग व्दारा एक परिपत्र भी जारी किया गया है. परिपत्र में कहा गया है कि अगर किसी निजी अथवा सरकारी अस्पताल या फिर सार्वजनिक इमारत में आग लगती है तो इसका जिम्मेदार संचालक को माना जाएगा.
सार्वजनिक इमारतों तथा अस्पतालों में अखंडित बिजली आपूर्ति कायम रखने के लिए अस्पताल प्रशासन व विद्युत आपूर्तिकर्ता कंपनी की सामुहिक जिम्मेदारी होगी. कोरोना महामारी के दौरान भंडारा, नागपुर, मुंबई, पालघर सहित अन्य जिलों के अस्पतालों में आग की अलग-अलग घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई थी इसके मद्देनजर सरकार ने अस्पतालों में आग की घटनाओं को रोकने और इमारतों में लिफ्ट से होने वाले हादसों को रोकने हेतु विविध उपाय योजना लागू करने के निर्देश दिए है.
ग्राहकों व कंपनियों की जिम्मेदारी तय की
ऊर्जा विभाग व्दारा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के प्रावधानों को लागू करने के लिए कहा गया है. सरकार ने बिजली कंपनियों और ग्राहकों की जिम्मेदारी तय की है. मीटर रुम के पास किसी प्रकार की ज्ववलंत सामग्री का भंडारण नहीं करने के लिए कहा है. आयएस मानक के अनुसार बिजली आपूर्ति केबल जोडने, प्रत्येक अस्पताल के लिए मंजूर बिजली भार के अनुरुप केवल बिजली मीटर की व्यवस्था करने सहित कई उपाय सुझाए है.