
मुंबई/दि.7 – मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अब विविध संगठन आक्रामक होते दिख रहे है. जहां एक ओर मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे के निवास स्थान ‘मातोश्री’ बंगले पर मराठा संगठन द्वारा मशाल मोर्चा ले जाया जायेगा. वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय मराठा महासंघ ने आरक्षण के लिए मुंबई स्थित मंत्रालय को जला देने की चेतावनी दी है. जिससे समूचे राज्य में जबर्दस्त खलबली व्याप्त है.
इस संदर्भ में अ. भा. मराठा महासंघ के जालना जिलाध्यक्ष अरविंद देशमुख ने कहा कि, जब तक मराठा आरक्षण का मसला हल नहीं होता, तब तक सरकार ने शालाओं व महाविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया सहित पद भरती को बंद रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि, सरकार की नीतियों की वजह से मराठा समाज के बच्चों का जिना मुश्किल हो गया है. हमने इससे पहले लाखों की संख्या के साथ शांति मोर्चा निकालकर पूरी दुनिया के सामने आदर्श पेश किया. वहीं अब मातोश्री बंगले पर आक्रोश मोर्चा व मशाल मोर्चा ले जाया जायेगा. इससे पहले नेताओं ने अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए मंत्रालय की फाईलों को जलाया और सबूत नष्ट किये, लेकिन अब आरक्षण की मांग को लेकर राज्य के मराठा युवा पूरे मंत्रालय को जलाने के लिए तैयार है. अब मराठों ने अपनी तलवारोें के दम पर सात समुंदर पार भी अपना दम-खम दिखाया है. यह इतिहास राज्य के शासनकर्ताओं ने भूलना नहीं चाहिए.
इस बीच मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सकल मराठा समाज की ओर से पंढरपुर स्थित श्री विठ्ठल मंदिर की नामदेव पायरी से पंढरपुर शहर पुलिस थाने तक मोर्चा निकाला गया. यहां से दस वाहनों में बैठकर मराठा समाज बांधव पुणे जानेवाले है. जहां पर मुख्य सचिव के साथ मराठा समाज पदाधिकारियों की बैठक होनेवाली है. फिलहाल कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए पंढरपुर में भीड न हो और लोगों का स्वास्थ्य खतरे में न पडे इस हेतु मराठा समाज से मोर्चा निकालकर भीडभाड नहीं करने का आवाहन किया गया था. साथ ही पुलिस महकमे की ओर से काफी तगडा बंदोबस्त भी लगाया गया था. लेकिन इसके बावजूद सुबह 9 बजे से मराठा समाज के पदाधिकारियों की भीड शिवाजी चौक में जुटनी शुरू हो गयी थी.