अपने गिरेबान में झांकें, हम पर इलजाम लगानेवाले
विधानसभा में गरजे सीएम उध्दव ठाकरे

* बोले : तुम्हारा शपथविधि सफल हो गया होता, तो किसके साथ बैठते तुम लोग
* परिवार को निशाना बनाये जाने पर व्यक्त किया संताप
मुंबई/दि.25– विगत कुछ दिनों से राज्य में ईडी द्वारा की जानेवाली कार्रवाई के खिलाफ मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे ने आज विधानसभा में अपना संताप व्यक्त किया. साथ ही ठाकरे परिवार को लेकर हो रहे आरोपों पर भी विपक्ष को करारा जवाब दिया. इसके तहत उन्होंने कहा कि, विपक्ष द्वारा आखिर किस स्तर तक जाकर किसी की प्रतिमा मलीन करने और बदनाम करने का काम किया जायेगा. विपक्ष को याद रखना चाहिए कि यह धृ्रतराष्ट्र का नहीं, बल्कि छत्रपति का महाराष्ट्र है और विपक्ष द्वारा जो कुछ भी किया जा रहा है, उससे किसी का भला नहीं होनेवाला.
सीएम उध्दव ठाकरे ने कहा कि, सत्ता प्राप्त करने के लिए सत्ताधारियों के परिजनों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि अगर कोई मतभेद है, तो साथ मिलकर सुलझाये जाने चाहिए. लेकिन किसी के परिवार की बदनामी नहीं करनी चाहिए. इस समय सरकार में शामिल सहयोगियों को भ्रष्टाचारी व दाउद इब्राहीम का आदमी संबोधित किये जाने पर पलटवार करते हुए सीएम उध्दव ठाकरे ने यह सवाल भी दागा कि, यदि विधानसभा के चुनाव पश्चात राजभवन में एकदम तडके किया गया शपथग्रहण सफल हो गया होता, तो विपक्ष के सभी नेता नवाब मलिक व अनिल देशमुख जैसे राकांपा नेताओं के साथ ही कंधे से कंधा मिलाकर सरकार में बैठे दिखाई देते. लेकिन वह प्रयोग असफल हो जाने के बाद आज वही नवाब मलिक व अनिल देशमुख भ्रष्टाचारी हो गये है. जिनके खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का खुलकर दुरूपयोग किया जा रहा है.
* मैं तुम्हारे साथ आकर जेल जाने के लिए तैयार
ईडी द्वारा महाविकास आघाडी के नेताओं सहित उनके परिजनों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को पूरी तरह से गलत बताते हुए सीएम उध्दव ठाकरे ने कहा कि, वे इस सरकार की सभी जिम्मेदारियों को अपने कंधे पर लेने के लिए तैयार है. साथ ही विपक्ष द्वारा लगाये जानेवाले आरोपों का सामना करते हुए जेल जाने के लिए भी तैयार है, लेकिन विपक्ष ने यह नहीं भूलना चाहिए कि, किसी समय खुद शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे ने उनके नेताओं को बचाया था.
ऐसे में विपक्ष के नेता उपर जाकर बालासाहब को क्या मुंह दिखायेंगे. साथ ही केंद्र सरकार द्वारा राज्य में अघोषित आपातकाल लादे जाने का आरोप लगाते हुए सीएम उध्दव ठाकरे ने कहा कि, सन 1993 के दौरान मुंबई में हुए दंगे में शिवसैनिकों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर मुंबई तथा हिंदूओं को बचाया था. उस समय अनिल परब के साथ रास्ते पर मारपीट हुई थी और आज उन्हीं परब के बंगले को तोडने की बात विपक्ष द्वारा की जा रही है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, भाजपा ने खुद शिवसेना के साथ सन 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले युती तोडी थी. हम तब भी हिंदू थे और आज भी हिंदू है. अत: कोई हमें हिंदुत्व सीखाने की कोशिश न करे.