महाराष्ट्र

महाराष्ट्र की 14 वीं विधानसभा कई मायनों में खास रही

तीन मुख्यमंत्रीयों ने ली शपथ, तीनों के साथ उपमुख्यमंत्री रहें अजीत पवार

मुंबई/दि.28– मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इसके साथ ही महाराष्ट्र की मौजूद 14वीं विधानसभा विसर्जित हो गई है. 14वीं विधानसभा महाराष्ट्र के इतिहास में खास रहेंगी. इन पांच सालों के भीतर कई राजनीतिक भूकंप आए. तीन-तीन मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली तो दो प्रमुख राजनीतिक दलों में विभाजन हो गया.
14वीं विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर 2024 तक था. इसके मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री शिंदे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि नई सरकार बनने तक एकनाथ शिंदे राज्य में कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रुप में काम करते रहेंगे. 15वीं विधानसभा के गठन से संबंधित अधीसूचना बिते 24 नवंबर 2024 को जारी हो चुकी है. अब नई विधानसभा की बैठक जिस दिन से शुरू होगी. उस दिन से 15वीं विधानसभा अस्तीत्व में आ जाएंगी. हालांकि महाराष्ट्र के इतिहास में 14वीं विधानसभा कई मायनों में खास रही. 14वीं विधानसभा की पांच साल की अवधी में महाराष्ट्र ने तीन सरकार को बनते देखा है. जिसमें से दो सरकार असमय गीर गई. इस दौरान महाराष्ट्र की राजनीति में कई दशक से सियासी धूरी रहे शिवसेना प्रमुख दिवंगत बालासाहब ठाकरे व्दारा बनाई गई मूल पार्टी शिवसेना में दो फाड हो गई. क्षेत्रिय क्षत्रप शरद पवार की पार्टी राकांपा और उनके परिवार दोनों में बिखराव हुआ. 14वीं विधानसभा के दौरान देवेन्द्र फडणवीस पहले कुछ घंटों के लिए मुख्यमंत्री बने. फिर विपक्ष के नेता पद और बाद में उपमुख्यमंत्री पद उन्हें स्वीकारना पडा. वहीं अजित पवार और भाजपा सरकार, महाविकास आघाडी और महायुति तीनों सरकारों में उपमुख्यमंत्री रहें. पांच साल के भीतर अजित पवार ने तीन बार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसी दौरान वे कुछ समय के लिए विपक्ष के नेता भी रहें. अजित पवार ने पांचवी बार उपमुख्यमंत्री बनने का भी रिकॉर्ड बना लिया. देश में अब तक कोई नेता पांच बार उपमुख्यमंत्री नहीं रहा है.

* शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की महाविकास आघाडी में सरकार बनाने को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण 12 नवंबर 2019 से 23 नवंबर 2019 तक राष्ट्रपति शासन लागु रहा.
* भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र फडणवीस ने राकांपा से बगावत करने वाले अजित पवार के साथ 23 नवंबर 2019 को अचानक सुबह 6 बजे शपथ लेकर पूरे देश को चौका दिया था. लेकिन अजित पवार के समर्थन वापस लेने के कारण फडणवीस की सरकार महज 72 घंटे में गिर गई.
* उध्दव ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को शिवसेना (अविभाजित), राकांपा (अविभाजित) और कांग्रेस के साथ मिलकर महाविकास आघाडी की सरकार बनाई. लेकिन एकनाथ शिंदे के बगावत के कारण 29 जून 2022 को ठाकरे सरकार गीर गई.
* शिवसेना (अविभाजित) के करीब 41 विधायकों को तोडकर एकनाथ शिंदे 30 जून 2022 को भाजपा के समर्थन से महायुति सरकार के मुख्यमंत्री बने.
* अजित पवार राकांपा (अविभाजित) के विधायकों के एक धडे के साथ 2 जुलाई 2023 को उपमुख्यमंत्री बने. इसके साथ ही शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के भी दो फाड हो गए.

महाराष्ट्र में ऐसी बनी थी तीन सरकार
मुख्यमंत्री अवधी
देवेन्द्र फडणवीस 23 नवंबर 2019 से 26 नवंबर 2019
उध्दव ठाकरे 28 नवंबर 2019 से 22 जून 2022
एकनाथ शिंदे 30 जून 2022 से अब तक (कार्यवाहक)

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